सारवां : कुशी अमावस्या पर तीर्थ पुरोहितों ने तोड़ा कुश

भाद्रपद अमावस्या तिथि पर शनिवार को लोगों ने कुश तोड़ा के लिए बाबाधाम से पहुंचे तीर्थ पुरोहित

सारवां. भाद्रपद अमावस्या तिथि पर शनिवार को लोगों ने कुश तोड़ा के लिए बाबाधाम से बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित कुशमाहापहारिया, दानीपुर, मड़वा के जंगल व टिल्हो में सुबह पहुंचे. इस दौरान मंत्रोच्चार के साथ तीर्थ पुरोहितों द्वारा कुश की कोड़ाई की गयी. उनलोगों ने बताया कि इस दिन कुशा कोड़ने का विशेष महत्व है. कुश में ब्रम्हा, विष्णु और महेश का निवास है. इस दिन कुश की खुदाई करने से जातक की सभी समस्या खत्म हो जाती है. साल में इसी दिन कुशा की कोड़ाई की जाती है विभिन्न अनुष्ठानों में प्रयोग किया जाता है. मौके पर कार्तिक मिश्रा, उदय जजवाड़े, राजा जजवाड़े, नंदन मालाकार, राकेश झा, मुको महाराज, श्याम सिंगारी, झलकू सिंगारी, दीपू द्वारी, ध्रुव शंकर फलाहरी आदि देवघर तीर्थ-पुरोहित समाज के सदस्य थे.

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By LILANAND JHA

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