देवघर : शहर में रंगदारी और संगठित अपराध के खिलाफ नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से दो पिस्टल, छह जिंदा कारतूस और काली रंग की स्कॉर्पियो बरामद की है. पुलिस ने बताया कि पकड़े गये सभी आरोपित संगठित आपराधिक गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं. ये हथियार का भय दिखाकर दुकानदारों और राहगीरों को डराने-धमकाने, रंगदारी मांगने व वसूलने, छिनतई तथा रंगदारीपूर्वक जमीन पर कब्जा कराने का काम करते हैं. गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने बतायी है. पूरे मामले की जानकारी सदर एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दी.
सिनेमा देखने गये व्यक्ति से मांगी रंगदारी
एसडीपीओ ने बताया कि 11 सितंबर की रात शहीद आश्रम रोड, कालीराखा मुहल्ला निवासी अमरनाथ केशरी अपने बेटे और दुकान के कर्मचारी के साथ साइबर थाना के सामने स्थित मॉल परिसर के मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल में फिल्म मिर्जापुर देखने गये थे. सिनेमा के मध्यांतर के दौरान हॉल के बाहर तीनों आइसक्रीम खा रहे थे. इसी दौरान पीछे से विकास पलिवार उर्फ भाखड़ बोस अपने तीन अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचा और अमरनाथ केशरी की गर्दन पकड़कर उन्हें किनारे ले गया.
आरोप है कि विकास ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि सुबह एक लाख रुपये शिवगंगा गली स्थित उनकी दुकान के पास पहुंचा देना. रुपये नहीं देने पर जहां मिलेंगे, गोली मार देने की धमकी दी गयी. विरोध करने पर विकास उर्फ भाखड़ बोस ने उनके गाल पर कई थप्पड़ मारे और गाली-गलौज करते हुए कहा कि अगले दिन 50 हजार रुपये देना ही होगा, नहीं तो जान से हाथ धोना पड़ेगा. साथ ही पुलिस को सूचना देने पर भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ने की धमकी दी.
घटना के समय आसपास अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने आरोपितों का विरोध नहीं किया. इस संबंध में अमरनाथ के आवेदन पर नगर थाना कांड संख्या 357/26, बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
सदर अस्पताल के पास से चारों पकड़े गये
एसपी प्रवीण पुष्कर ने देवघर एसडीपीओ कुलदीप कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर छापेमारी का निर्देश दिया. 13 सितंबर को करीब तीन बजे एसपी को सूचना मिली कि अमरनाथ से रंगदारी मांगने के मामले में नामजद आरोपित अपने अन्य साथियों के साथ हथियार लेकर काली स्कॉर्पियो में सवार होकर सदर अस्पताल क्षेत्र में घूम रहे हैं.
सूचना मिलते ही विशेष टीम सक्रिय हुई और सदर अस्पताल के समीप हरिशरणम कुटिया के पीछे छापेमारी की गयी. पुलिस को देखते ही आरोपित भागने लगे. टीम ने पीछा कर चारों को खदेड़कर पकड़ लिया. इसके बाद उनकी तलाशी ली गयी, जिसमें हथियार और कारतूस बरामद हुए.
चारों के पास से हथियार व कारतूस बरामद
एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में सीता होटल शिवम पेड़ा भंडार, जलसार रोड निवासी रिषभ राज उर्फ रिषभ केशरी, शिवगंगा लेन निवासी विकास पलिवार उर्फ भाखड़ बोस, पंडित बीएन झा पथ निवासी सौरभ शृंगारी तथा कुंडा थाना क्षेत्र के करनीबाग निवासी प्रशांत कुमार झा शामिल हैं.
तलाशी के दौरान विकास की कमर के बाएं तरफ से एक पिस्टल बरामद हुई. वहीं रिषभ की कमर के बाएं तरफ से दो गोली लोड एक पिस्टल मिली. सौरभ के पेंट के बाएं पॉकेट से दो जिंदा कारतूस और प्रशांत के पेंट के दाएं पॉकेट से दो जिंदा कारतूस बरामद किये गये.
पुलिस ने मौके से काले रंग की स्कॉर्पियो जेएच 15 एआर 2703 भी जब्त की. उक्त स्कॉर्पियो रिषभ के पिता पंकज केसरी के नाम से रजिस्टर्ड है. हथियार और कारतूस की बरामदगी को लेकर नगर थाना कांड संख्या 358/26 के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.
40 से अधिक गंभीर मामले दर्ज होने की जानकारी
एसडीपीओ ने बताया कि पकड़े गये सभी लोग कुख्यात संगठित आपराधिक गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं. पुलिस के अनुसार, ये अवैध आग्नेयास्त्र का भय दिखाकर दुकानदारों से छिनतई और रंगदारी मांगने, व्यवसायियों व राहगीरों को धमकाने, रंगदारी वसूलने तथा रंगदारीपूर्वक जमीन पर कब्जा करने का काम करते हैं. इनके विरुद्ध 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है.
पुलिस के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र निवासी अनुभव नरौने उर्फ सोनू नरौने, छोटू शृंगारी, आस्तिक पलिवार और मोनू पंडित इन लोगों के अपराध में सहयोगी की तरह काम करते हैं.
छापेमारी दल में एसडीपीओ के अलावा नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रवि ठाकुर, एसआइ मिथलेश कुमार, सूरज कुमार, सुमन्त प्रसाद, एएसआइ राजू रजवार, अरविंद कुमार और नगर थाना रिजर्व गार्ड शामिल थे.
