पालोजोरी. वट सावित्री व्रत को लेकर शनिवार तड़के से ही सुहागिन महिलाएं आकर्षक श्रृंगार कर बरगद वृक्ष के नीचे पहुंचीं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. इस दौरान वट वृक्षों के आसपास भारी भीड़ भी देखी गयी. कई नवविवाहित महिलाएं पहली बार यह व्रत करती नजर आईं और वे उत्साह से भरी रहीं. पुजारी मंगरु पांडेय ने बताया कि यह व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु, स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में शिव का वास होता है और यह अपनी दीर्घायु के लिए प्रसिद्ध है. यह व्रत सावित्री की अमर कथा पर आधारित है, जिन्होंने निष्ठा से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए. मान्यता है कि वट वृक्ष के नीचे ही सावित्री ने अपने पति के प्राणों की रक्षा के लिए तप किया था. इस अवसर पर महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी और शिव-पार्वती की पूजा भी की.
पालोजोरी: सुहागिनों ने अपने पति की दीर्घायु की मंगलकामना की
सोलह शृंगार कर सुहागिनों ने की शिव पार्वती की पूजा
