चितरा. चितरा कोलियरी प्रक्षेत्र स्थित दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्रीश्री 1008 महाविष्णु यज्ञ के दौरान यज्ञ कुंड की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. सुदूर गांवों से अहले सुबह से ही भक्त बड़ी संख्या में दुखिया बाबा मंदिर परिसर पहुंच कर श्रद्धापूर्वक यज्ञ में भाग ले रहे हैं. यज्ञशाला में यज्ञाचार्य संजय मिश्रा, सुनील वल्लभ झा, राघवेंद्र मिश्रा, प्रमोद बलियासे, ललन जजवाड़े, नारायण पलिवार, रवि मठपती, गणपति खवारे, मानिक बलियासे, पिंकू मिश्रा, राजेश नरौने, सोनू मठपती, मोहनलाल नरोने, मनोज झा, अमित खवाड़े, पप्पू झा, विष्णु, सुमित कुमार, प्रकाश परिहार एवं गिरधारी बाबा समेत अन्य पंडितों ने मुख्य यजमान नित्यानंद राय सपत्नीक के हाथों वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन संपन्न कराया. शनिवार रात को मुख्य पंडाल में वृंदावन धाम से पधारी कृष्ण लीला मंडली द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मनोहारी मंचन किया गया. कलाकारों ने श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण की लीला का सचित्र चित्रण प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. इसके साथ ही कृष्ण की अनन्य भक्त मीराबाई की भक्ति का भी सजीव मंचन किया गया. मंडली के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किये, जिससे उपस्थित दर्शक देर रात तक भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते रहे. वहीं, देर रात आयोजित बांग्ला बाउल संगीत कार्यक्रम में बाउल गायक विकास दास एवं मौसमी दास ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया. कार्यक्रम का शुभारंभ देवी वंदना से किया गया. उसके बाद कलाकारों ने ‘श्री मधुसूदन’, ‘श्री गजानन आमी भजबो तुमारी चरण’, ‘अमी यार चाही ना जनम चाही ना मरन’, ‘ओ गो-गो दयामयी’ आदि बाउल गीतों की प्रस्तुति दी, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा. कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश भारद्वाज ने किया. इसको लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है तथा प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यज्ञ स्थल पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं. — चितरा कोलियरी में श्रीश्री 1008 महाविष्णु का आयोजन कृष्ण लीला और बाउल गायन ने बांधा समां
श्री गजानन आमी भजबो तुमारी चरण...बाउल गीत पर झूमे श्रोता
चितरा: कृष्ण लीला और बाउल गायन ने बांधा समां
