संवाददाता, देवघर. देवघर-जसीडीह रेल परियोजना के तहत नवनिर्मित जसीडीह बाइपास रेल लाइन अब परिचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार करने जा रही है. रेलवे सुरक्षा आयोग (सीआरएस) के पूर्वी सर्किल, कोलकाता के रेलवे सुरक्षा आयुक्त गुरु प्रकाश 10 सितंबर को बाइपास लाइन का निरीक्षण करेंगे. इस दौरान वे देवघर और कुमड़ाबाद रोहिणी स्टेशनों के बीच नयी रेल लाइन की संरक्षा, तकनीकी मानकों और निर्माण कार्यों की बारीकी से जांच करेंगे. निरीक्षण के साथ स्पीड ट्रायल भी कराया जायेगा. सीआरएस की अनुमति मिलने के बाद इस लाइन पर ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ हो जायेगा.
रेलवे के अनुसार, सीआरएस गुरु प्रकाश हावड़ा से विशेष ट्रेन से सुबह करीब 10 बजे जसीडीह पहुंचेंगे. इसके बाद सुबह 10.30 बजे से कुमड़ाबाद रोहिणी से देवघर लिंक केबिन तक नवनिर्मित रेल लाइन का निरीक्षण शुरू होगा.
मोटर ट्रॉली से होगी नयी रेल लाइन की जांच
निरीक्षण के दौरान कुमड़ाबाद रोहिणी से देवघर लिंक केबिन तक नयी लाइन की जांच मोटर ट्रॉली से की जायेगी. इस दौरान रेल पटरियों, पुल-पुलियों, ट्रैक की संरचना और अन्य तकनीकी पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया जायेगा. रेलवे की ओर से निरीक्षण को लेकर संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया गया है.
पुलों के नीचे पानी का बहाव होने की स्थिति में पियर और एबटमेंट तक पहुंचने के लिए भी आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है. पियर पुल के बीच स्थित सहारे को, जबकि एबटमेंट पुल के दोनों छोर पर बने सहारे को कहा जाता है. निरीक्षण के दौरान इन संरचनाओं की स्थिति की भी जांच की जायेगी.
स्पीड ट्रायल में परखी जायेगी ट्रैक की क्षमता
सीआरएस के निरीक्षण के बाद नयी रेल लाइन पर स्पीड ट्रायल भी कराया जायेगा. इसके लिए उपयुक्त लोको उपलब्ध कराने के साथ मापन उपकरणों से लैस टीम को सीआरएस की मोटर ट्रॉली के पीछे चलाने की व्यवस्था की गयी है. स्पीड ट्रायल के दौरान ओएमएस-2000 उपकरण का भी इस्तेमाल किया जायेगा.
स्पीड ट्रायल के जरिए नयी लाइन की संरक्षा, ट्रैक की स्थिति और निर्धारित गति पर उसकी क्षमता को परखा जायेगा. निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली तकनीकी कमियों को दूर करने के बाद ही परिचालन की अनुमति मिलने की उम्मीद है.
डीआरएम समेत अधिकारी रहेंगे मौजूद
सीआरएस के निरीक्षण को लेकर पूर्व रेलवे के संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है. आसनसोल मंडल के डीआरएम के अलावा विभिन्न शाखाओं के अधिकारी, इंजीनियरिंग विभाग के पदाधिकारी और संबंधित कर्मी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहेंगे.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सीआरएस की ओर से सुरक्षा मानकों की जांच और स्पीड ट्रायल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर परिचालन की अनुमति दी जायेगी. अनुमति मिलते ही जसीडीह बाइपास लाइन पर ट्रेनों के परिचालन का रास्ता साफ हो जायेगा. इससे जसीडीह स्टेशन पर ट्रेनों के दबाव को कम करने और रेल परिचालन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
