झारखंड में बीजेपी ने 17 साल शासन कर राज्य को पीछे धकेला, हेमंत सरकार पटरी पर लाने की कर रही है कोशिश : सुबोधकांत

Jharkhand news, Deoghar news : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने दुमका व बेरमाे उप चुनाव में महागठबंधन की भारी मतों से विजयी की बात कही. साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा के प्रथम चरण में 71 सीटों के पर हुए मतदान का रुझान एवं बिहार का माहौल यह बता रहा है कि वहां भी महागठबंधन कि सरकार पूर्ण बहुमत में बनेगी. देवघर परिसदन में पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सहाय बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा. इससे पहले उन्होंने बाबा बैद्यनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंग के दरबार में आशीर्वाद लेने भी पहुंचे.

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 30, 2020 4:22 PM

Jharkhand news, Deoghar news : देवघर (विजय कुमार) : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने दुमका व बेरमाे उप चुनाव में महागठबंधन की भारी मतों से विजयी की बात कही. साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा के प्रथम चरण में 71 सीटों के पर हुए मतदान का रुझान एवं बिहार का माहौल यह बता रहा है कि वहां भी महागठबंधन कि सरकार पूर्ण बहुमत में बनेगी. देवघर परिसदन में पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सहाय बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा. इससे पहले उन्होंने बाबा बैद्यनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंग के दरबार में आशीर्वाद लेने भी पहुंचे.

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सहाय ने कहा कि बड़े ही ताजुब की बात है कि झारखंड विधानसभा उपचुनाव भाजपा के नेता यह कह कर लड़ रहे हैं कि यह दोनों सीट पर जीत दिलाएं, तो हम सरकार गिरा देंगें. यह कितनी शर्मनाक और असंवैधानिक बात है. उन्होंने कहा कि झारखंड के साथ तीन राज्य का गठन हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ एवं उत्तराखंड की नींव कांग्रेस की सरकार ने रखी, जो आज कहां से कहां पहुंच गया. झारखंड की नींव भाजपा ने रखी, जो देश में 28वें पायदान पर आकर खड़ी हो गयी. गठन के 20 साल में से 17 साल यहां भाजपा ने शासन किया, फिर भी मन नहीं भरा और राज्य की यह स्थिति बना दी.

उन्होंने कहा कि जिस राज्य में देश की 40 प्रतिशत खनिज संपदा हो. इस रतनगर्भा की धरती पर आज भी लोग बेबस, मजबूर, गरीब और बेरोजगार हैं. बीजेपी के शासनकाल में 10 हजार उद्योग बंद हो गये. वहीं, 500 करोड़ रुपये उद्योग लगाने के नाम पर और हाथी उड़ाने पर खर्च कर दिये. परिणाम स्वरूप एक भी उद्योग झारखंड में नहीं लगा. यही कारण है कि झारखंड की जनता ने भाजपा और मोदी को दोनों को नकार दिया.

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झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार तो बनी, लेकिन विडंबना यह है कि यहां सर मुड़ाते ही ओले पड़े का कहावत चरितार्थ हो गया. सरकार बनते ही कोरोना महामारी का प्रकोप आ गया. पूर्ववर्ती सरकार ने हेमंत सरकार को खाली खजाना सौंपा. ऐसे में हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस के वित्त, खाद्य आपूर्ति, स्वास्थ्य, कृषि और पशुपालन, ग्रामीण विकास के मंत्रीगणों ने अपनी अहम भूमिका अदा कर इस आपदा को बड़े ही सुदृढ़ ढंग से निबटाने का काम किया. केंद्र सरकार हेमंत सरकार को विफल करने के लिए जीएसटी और रॉयल्टी के पैसे नहीं दे रही है. उल्टे डीवीसी का बकाया राशि 1714 करोड़ चुपके से काट लेती है. राज्य के पास पैसे नहीं है. बावजूद सरकार अपने मेनिफेस्टो को लागू करने का काम कर रही है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिस प्रकार 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को यहां से हटाया गया है. उसी प्रकार 2020 में भी बिहार से हटायेंगे. बिहार की जनता ने पिछले विधानसभा में भी भाजपा के विपरीत मतदान किया था, लेकिन नीतीश कुमार ने जनादेश के विपरीत भाजपा के साथ सरकार बनायी.

झारखंड में 17 वर्षों तक भाजपा ने राज किया

झारखंड बने 20 वर्ष हो गये हैं. यहां 17 वर्षों तक भाजपा ने राज किया. राज्य के विकास के लिए जो रोड मैप होना चाहिए, नहीं बनाया गया. विकास के मामले में आज उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य कहां से कहां पहुंच गया. झारखंड में बीजेपी नेताओं के पास कभी भी विकास का एजेंडा ही नहीं रहा.

केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल, देश की अर्थव्यवस्था नाजुक स्थिति में

केंद्र सरकार हर मोर्चे में विफल हो रही है. कोरोना के आगमन के समय मार्च में ही देश की अर्थव्यवस्था काफी नाजुक स्थिति में थी. देश का जीडीपी -24 पर आ गयी है. किसानों के विरोध में कानून बनाये जा रहे हैं. चंद पूंजीपति परिवारों के हित में केंद्र सरकार काम कर रही है. पंजाब में मोदी, अडाणी और अंबानी का पुतला दहन हो रहा है. गरीब, मजदूर, ठेला- रिक्शा और खोमचे वाले से कर्ज वसूली जा रही है. वहीं, चंद पूंजीपतियों का 3.5 लाख करोड़ रुपए बैंक ऋण माफ किया गया है. भारतीय जनता पार्टी की सरकार में किसी भी प्रकार की आर्थिक एवं सामाजिक विकास नहीं हो पाया है. लोग जीएसटीऔर नोटबंदी का आर्थिक मार झेल रहे हैं. जनता ऐसी शासन से उब चुकी है और बहुत जल्द ही इसे केंद्र से भी उखाड़ फेंकने का काम करेगी.

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इस मौके पर देवघर जिला के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो उदय प्रकाश, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र दास, सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार, नागेश्वर सिंह, रवींद्र नाथ मिश्रा, दिनेशानंद झा, मीडिया प्रभारी दिनेश मंडल, नगर अध्यक्ष रवि केसरी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रमिला देवी, नाहिदा सुल्तान, अर्जुन राउत, अमित पांडेय, राहुल राज, मनमोहन झा आदि मौजूद थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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