मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र की उदयपुरा पंचायत स्थित दोहरी गांव में आजादी के 78 साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों के लिए सड़क नहीं बनाया गया है. इससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. खास कर बरसात के दिनों को ग्रामीणों को मधुपुर शहर, बच्चों को विद्यालय व मरीजों को अस्पताल ले जाने में काफी परेशानी होती है. ग्रामीण अविनाश कुमार, प्रदीप राणा, लालाधारी सिंह, बबलू यादव, अनूप राणा, उमेश मिश्रा, कांग्रेस राणा, दीपक पाठक आदि ने बताया कि वर्षों पूर्व ग्रामीणों को आने जाने के लिए मनरेगा योजना मिट्टी मोरम सड़क बनाया गया था. ग्रामीण को पंचायत भवन में आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन हजारों के आबादी के बाद भी उक्त सड़क बनाये जाने में किसी भी जन प्रतिनिधि ने रुचि नहीं दिखाया. गांव के लिए कुल पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य हो जाने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी. इसको लेकर ग्रामीणों ने पीएमओ कार्यालय नयी दिल्ली को भी सड़क निर्माण की मांग को लेकर लिखित शिकायत दी थी, जिसका बीडीओ के माध्यम जांच करायी गयी थी. उक्त सड़क तीन गांव दुधानी, दोरही व आस्ता को जोड़ती है. इस सड़क से गावों में रहने वालों लोगों के आवागमन का एक मात्र साधन है. इस सड़क में माध्यम से लोग प्रतिदिन आते-जाते हैं. दुधानी गांव में 80 से 90 घरों, दोहरी में 150- 160 घरों की आबादी है. आस्ता में 100-120 घर आबादी है. इन सभी गांव को जोड़ने वाली कच्ची सड़क है. वहीं, फिटकोरिया जोरिया पर पुल नहीं रहने के कारण बारिश के दिनों में ग्रामीणों को गांव आने जाने के लिए लंबी दूरी 10 से 15 किमी अधिक घूम कर जाना पड़ता है. अगर पुल व सड़क निर्माण हो जाता तो मधुपुर जाने के लिए 7-8 किलोमीटर दूरी रह जाती है. दोहरी गांव में नया स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन सड़क नहीं रहने पर लोगों को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र जाने में भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है.
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