श्रीकृष्ण की लीला का प्रसंग सुनकर मंत्रमुग्ध हुए श्रोता

चितरा के दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में श्रीश्री 1008 महाविष्णु यज्ञ आयोजित, कृष्ण जन्मोत्सव और पूतना वध की लीला से भाव विभोर हुए श्रद्धालु

चितरा. चितरा कोलियरी प्रक्षेत्र अंतर्गत दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में चल रहे नौ दिवसीय श्रीश्री 1008 महाविष्णु यज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी. भक्तों ने विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति की कामना की. इसके बाद श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया. रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान वृंदावन धाम से आये कृष्ण लीला मंडली ने भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं पूतना वध की आकर्षक प्रस्तुति दी. कलाकारों ने कंस के कारागार में भगवान कृष्ण के जन्म, वसुदेव द्वारा नवजात कृष्ण को गोकुल पहुंचाने तथा नंदोत्सव के दृश्यों का भावपूर्ण मंचन किया.“नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” भजन पर पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया. इसके बाद पूतना वध की लीला का सजीव मंचन किया गया. भेष बदलकर आई पूतना और बाल कृष्ण के बीच की प्रस्तुति को श्रद्धालुओं ने खूब सराहा. कलाकारों की मनमोहक अदाकारी ने उपस्थित लोगों को देर तक बांधे रखा. वहीं, देर रात आयोजित भजन संध्या में राधे-राधे म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार राजेश भारद्वाज, शीला, पूजा और राधा ने भक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी. कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना “बंदो गणपति कर जोड़ी-जोड़ी” से हुई. इसके बाद कलाकारों ने “दीवाना तेरा आया बाबा तेरी नगरी में”, “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी”, “अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदर” और “सरकार हमारी तो श्री राधा रानी है” जैसे भजनों से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया. देर रात तक पूरा पंडाल भक्ति संगीत से गुंजायमान रहा. इस मौके पर यज्ञ समिति के अध्यक्ष विवेका नारायण देव समेत सभी सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे थे.

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