चितरा. चितरा कोलियरी प्रक्षेत्र स्थित दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में आयोजित नौ दिवसीय श्रीश्री 1008 महाविष्णु यज्ञ के सातवें दिन सोमवार को पूरा क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा. इस दौरान भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि व मंगलकामना की. यज्ञ स्थल व मेला परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवक पूरी तरह सक्रिय रहे. शाम ढलते ही मेला क्षेत्र में बढ़ती भीड़ को देखते हुए चितरा पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाये रखने के लिए विशेष सतर्कता बरती. सोमवार रात में मुख्य पंडाल में वृंदावन धाम से आयी कृष्ण लीला मंडली ने गणेश वंदना और हनुमान चालीसा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया. इसके बाद श्री रामचंद्र कृपालु भज मन और सीताराम-सीताराम जय सीताराम जैसे भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया. मंडली द्वारा प्रस्तुत सीता स्वयंवर की लीला आकर्षण का केंद्र रही. वहीं, जनकपुर में मेला देख के मनवा करेला भजन के साथ जनकपुर में आयोजित स्वयंवर का सजीव मंचन किया गया. महर्षि विश्वामित्र के साथ भगवान राम और लक्ष्मण का जनकपुर आगमन, रावण एवं बाणासुर का स्वयंवर में उपस्थित होना, भगवान राम द्वारा शिव धनुष भंग करना तथा माता सीता द्वारा उन्हें वरमाला पहनाने जैसे प्रसंगों का सुंदर चित्रण किया गया. इन दृश्यों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. देर रात आयोजित राम कथा में व्यास सोनम जी ने भगवान राम और माता पार्वती से जुड़ी प्रेरणादायक कथा का वर्णन करते हुए सत्य, श्रद्धा और ईश्वर में अटूट विश्वास का संदेश दिया. उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने भगवान शिव के समझाने के बावजूद श्रीराम की परीक्षा लेने का प्रयास किया, किंतु भगवान राम ने उन्हें तुरंत पहचान लिया. कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि ईश्वर के प्रति पूर्ण विश्वास ही जीवन का सबसे बड़ा आधार है. इस दौरान व्यास सोनम जी ने सत्यम शिवम सुंदरम और मन मेरा मंदिर, शिव मेरी पूजा समेत कई भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. कार्यक्रम का संचालन राजेश भारद्वाज ने किया.
सीता स्वयंवर का मनोरम दृश्य देख मंत्रमुग्ध हुए भक्त
चितरा कोलियरी के दुखिया बाबा मंदिर प्रांगण में धार्मिक आयोजन
