करौं. प्रखंड क्षेत्र के सिरियां गांव में मध्य विद्यालय और मंदिर के पास बने जलमीनार पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी है. जलापूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि तीन-चार साल पहले जब यह जलमीनार निर्माण हुआ था, तब उन्हें उम्मीद थी कि अब उन्हें शुद्ध पेयजल आसानी से मिलेगा, लेकिन जलमीनार चालू होने के एक-दो महीने बाद ही यह खराब हो गया. यह जलमीनार मध्य विद्यालय करौं, बजरंगबली मंदिर और काली मंदिर के नजदीक स्थित है. अगर यह चालू होता, तो छात्रों और ग्रामीणों दोनों को काफी लाभ मिलता। लेकिन अब छात्रों को विद्यालय आते-जाते प्यासे रहना पड़ता है और मंदिरों में पूजा-अर्चना करने आने वाले भक्तों को भी पानी की सुविधा नहीं मिल पा रही है. ग्रामीण विष्णु चौधरी, कीर्तनानंद चौधरी, ललन चौधरी, रोशन चौधरी, शैलेंद्र चौधरी, रतन राय, बुधन राय, द्वारिका चौधरी, त्रिवेणी चौधरी, सुभाष चौधरी, अरविंद चौधरी, सपन चौधरी और बच्चन चौधरी ने जिले के उपायुक्त से इस भीषण गर्मी में जलमीनार को तुरंत ठीक कराने की मांग की है.
जलमीनार तीन साल से बंद, ग्रामीणों को हो रही परेशान
करौं के सिरियां गांव में गहराया पेयजल संकट
