मधुपुर. सूर्योपासना चार दिवसीय महापर्व छठ शनिवार को नहाय-खाय कद्दू भात के साथ शुरू हुआ. व्रती मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ियां जोड़ कर सात्विक भोजन अरवा चावल का भात व कद्दू की सब्जी बनायी. व्रतियों द्वारा चावल व कद्दू की सब्जी को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया गया. इसके बाद घर के सदस्यों ने उसी थाली में खाकर प्रसाद करती है. छठ पर्व के दूसरे दिन रविवार को खरना मनाया जायेगा. देर रात खरना का प्रसाद खाने के साथ ही व्रती महिलाओं 34 घंटे का निर्जला व निराहार व्रत प्रारंभ हो जायेगा, जिसकी तैयारी में श्रद्धालु तन-मन से जुट चुके हैं. शहरी क्षेत्र में मिट्टी के चूल्हे व आम के सूखे लकड़ियों की खरीदारी हुई. खरना का पवित्र प्रसाद इसी चूल्हे पर बनेगा. इधर खरना की तैयारी को लेकर बाजार में सुबह से ही चहल पहल बनी रही. दूध, घी, चीनी, अरवा चावल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की बिक्री परवान पर रही.
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