देवघर के स्कूलों में बड़ा बदलाव, 12 सितंबर तक SMC गठन; नशामुक्ति अभियान का भी आदेश

देवघर जिले के सभी स्कूलों में 12 सितंबर तक विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMC) का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश जारी किया गया है. इस बैठक में नशामुक्ति अभियान, पौधरोपण और ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई.

देवघर: जिले के सभी विद्यालयों में 12 सितंबर तक विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का गठन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. गुरुवार को मध्य विद्यालय मीना बाजार परिसर स्थित समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय में हुई बीआरसी-सीआरसी की बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी बिनोद कुमार ने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया.

बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार भी मौजूद रहे. शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा करते हुए स्कूलों में नशामुक्ति अभियान से लेकर ड्रॉपआउट बच्चों को वापस शिक्षा से जोड़ने तक के निर्देश दिये गये.

12 सितंबर तक हर स्कूल में SMC गठन

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में 12 सितंबर तक विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन पूरा कराया जाये.

उन्होंने संबंधित अधिकारियों और बीआरसी-सीआरसी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कराने और इसकी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा.

स्कूलों को नशामुक्त बनाने के लिए चलेगा अभियान

बैठक में विद्यालयों को नशामुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया. अधिकारियों को स्कूल स्तर पर जागरूकता गतिविधियां संचालित करने और बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया.

इस पहल का उद्देश्य विद्यालय परिसर और उसके आसपास के वातावरण को नशामुक्त बनाने के साथ बच्चों में जागरूकता बढ़ाना है.

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को भी मिलेगी गति

बैठक में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को गति देने का भी निर्देश दिया गया. विद्यालयों में पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया.

स्कूलों में तैयार होगा स्पोर्ट्स सिलेबस

अधिकारियों को विद्यालयों में स्पोर्ट्स सिलेबस तैयार करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया. इसका उद्देश्य पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों की खेल गतिविधियों को भी व्यवस्थित रूप से बढ़ावा देना है.

बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलों को विद्यालयी गतिविधियों का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया.

ड्रॉपआउट बच्चों को फिर स्कूल लाने पर फोकस

बैठक में विद्यालयों से बाहर रह रहे बच्चों को लेकर भी गंभीरता दिखाई गयी. अधिकारियों को ड्रॉपआउट बच्चों के आंकड़ों को दुरुस्त करने और स्कूल से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया.

डीआइइसी पर भी विशेष फोकस

शिक्षा निदेशालय की ओर से संचालित डीआइइसी (डिस्ट्रिक्ट इनोवेटिव चैलेंज) पर भी विशेष फोकस करने का निर्देश दिया गया.

अधिकारियों ने बीआरसी-सीआरसी को बैठक में दिये गये सभी निर्देशों का समयबद्ध तरीके से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा.

उल्लेखनीय है कि बुधवार को शिक्षा विभाग के राज्य सचिव ने सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों के साथ बैठक कर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये .

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By Ajay yadav

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