देवघर : बाबानगरी में 28 अगस्त को श्रावणी मेला संपन्न हुए दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन शहर गंभीर स्वास्थ्य संकट के मुहाने पर खड़ा है. मेला समाप्ति के बाद नगर निगम को पूरे शहरी क्षेत्र में व्यापक साफ-सफाई, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग अभियान चलाना था. लेकिन चेंबर का आरोप है कि निगम की उदासीनता के कारण ऐसा नहीं हुआ. अब शहर के कई इलाकों में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण शहरवासी डेंगू और मलेरिया की चपेट में आ रहे हैं. समस्या को लेकर बैद्यनाथधाम चेंबर ऑफ कॉमर्स की टीम ने गंभीर चिंता जतायी है.
व्यवसायी अस्पताल में भर्ती
निगम क्षेत्र के राजा बगीचा मुहल्ला स्थित बिजली ऑफिस के पास रहने वाले व्यवसायी अशोक कुमार केशरी डेंगू की चपेट में आकर जसीडीह के मेडीकोर्ट अस्पताल की आइसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. इनके अलावा शहर के कई मुहल्लों के नागरिकों के भी बीमारी की चपेट में होने की बात कही गयी है. इसका प्रमाण शहर के विभिन्न पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए आने वाली भीड़ से लग रहा है, जहां सुबह से शाम तक रक्त जांच कराने वाले छोटे, बड़े, बुजुर्ग और महिलाओं की लंबी कतार होती है.
ठेका-टेंडर में उलझा निगम : चेंबर
बैद्यनाथधाम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष पंकज पंडित का कहना है कि निगम प्रशासन ठेका-टेंडर की फाइलों में उलझा है और आम जनता अस्पतालों के चक्कर काट रही है. उन्होंने नगर प्रशासक व सिविल सर्जन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है. संगठन ने कहा कि यदि किसी भी नागरिक की जान जाती है, तो इसकी सीधी जवाबदेही नगर निगम प्रशासन की होगी.
नियमित फॉगिंग का निगम का दावा
नगर निगम की ओर से मच्छरों से बचाव के लिए नियमित रूप से फॉगिंग कराने की बात कही गयी है. अपर नगर आयुक्त रजनीश कुमार ने कहा कि किसी वार्ड में मच्छरों का प्रकोप है, तो कंट्रोल रूम में शिकायत करें. निगम की टीम प्रभावित इलाके में जायेगी.
