देवघर : जिले में झूठे और भ्रामक दावे कर उत्पाद बेचने वाली कंपनियों केदेवघर में पानी से चॉकलेट तक 115 ब्रांड जांच के घेरे में, भ्रामक दावों पर स्टॉक हटाने का निर्देश खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान शुरू किया है. पहली बार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्रांडों को चिह्नित कर रोकथाम की कार्रवाई की जा रही है. विभाग ने सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs), वितरकों, थोक व खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों को संबंधित उत्पादों का मौजूदा स्टॉक बाजार से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है. इससे बड़े मॉल और प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा है.
पानी से चॉकलेट तक 115 ब्रांडों की जांच
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पानी, तेल, आइसक्रीम, छोटे बच्चों के प्रोडक्ट, मैंगो ड्रिंक, नूडल्स और चॉकलेट के अलावा घरेलू उपयोग के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 115 ब्रांडों की जांच की जा रही है. कंपनियों को नोटिस जारी कर उत्पादों पर किये गये भ्रामक दावों को हटाने को कहा जा रहा है.
नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
नोटिस में एफएसएसएआइ के नियमों का उल्लंघन करने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. विभाग की ओर से अमानक, मिस-लेबलिंग और भ्रामक दावों वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ जांच और प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है.
उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग, देवघर ने उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है. विभाग ने पैकेजिंग पर लिखे भ्रामक दावों और अधूरी न्यूट्रिशन जानकारी वाले उत्पादों को खरीदने से बचने की सलाह दी है. विभाग के अनुसार, एफएसएसएआइ ने 115 बड़े ब्रांडों की सूची जारी की है.
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने दी कार्रवाई की चेतावनी
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन ने कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नयी दिल्ली और अपर मुख्य सचिव-सह-खाद्य सुरक्षा आयुक्त, झारखंड के निर्देश पर अमानक, मिस-लेबलिंग और भ्रामक दावों वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ राज्यव्यापी सघन जांच व प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया है. लापरवाही करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. निर्देशों का उल्लंघन कर भ्रामक दावा और गलत ब्रांडिंग करने वालों पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की सुसंगत धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
