सोनाबाद आंगनबाड़ी केंद्र का नहीं है चापाकल, परेशानी

डेढ़ दशक से जूझ रहे आंगनबाड़ी केंद्र बच्चे पेयजल की संकट

सारठ बाजार. प्रखंड क्षेत्र की मंझलीडीह पंचायत के आदिवासी बाहुल्य गांव सोनाबाद आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल घोर समस्या है. केंद्र में पेयजल की व्यवस्था नहीं है. नौनिहालों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है. केंद्र के आधा किमी की दूरी पर चापाकल है. बच्चे घर से बोतल में पानी भर कर लाते हैं और अपनी प्यास बुझाते हैं. केंद्र 2010- 11 से संचालित हो रहा है 15 वर्ष से केंद्र में पेयजल के लिए विभाग द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. केंद्र में 30 बच्चे नामांकित हैं. केंद्र ओर केंद्र अगल बगल चापाकल नहीं रहने से बच्चों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है. वहीं, बच्चों के लिए भोजन बनाने के लिए सहायिका को आधा किमी से पानी ला कर भोजन बनाना पड़ता है. सेविका मिनोति हेंब्रम ने बताया कि सोनाबाद आंगनबाड़ी केंद्र 2010 – 11 में केंद्र का निर्माण कराया गया है. 15 वर्ष बीतने के बाद केंद्र में पेयजल की समस्याओं से जूझ रहे है. चापाकल के लिए कई बार विभाग विभाग अधिकारी को पत्र भेज चुके है. वहीं, भवन भी जर्जर हो चुका है. केंद्र में बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है.

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By Ramakant mishra

15 फरवरी 2018 से प्रभात खबर में कार्य कर रहे है. लगातार आठ सालों से मेन स्ट्रीम की जर्निल्जम से जुड़े हैं. ग्रामीण स्तर की खबरों को बेहतर कवरेज देने का काम लगातार कर रहे हैं ताकि ग्रास रूट लेवल पर विकास लोगों तक पहुंच सके.

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