Deoghar news : आर्म्स एक्ट के तीन दोषियों को एक-एक वर्ष की कैद

सीजेएम दिव्या मिश्रा की अदालत से आर्म्स एक्ट के मामले की सुनवाई पूरी की गयी. इसके बाद नामजद तीन आरोपितों को एक-एक वर्ष की कैद की सजा सुनायी गयी.

विधि संवाददाता, देवघर. सीजेएम दिव्या मिश्रा की अदालत से आर्म्स एक्ट के मामले की सुनवाई पूरी की गयी. इसके बाद नामजद तीन आरोपितों जसीडीह थाना के लखनगढ़िया गांव निवासी काजल कुमार दास, रिखिया थाना के चिरोडीह गांव निवासी मोहन दास व देवीपुर थाना के पंडुरायडीह गांव निवासी रमेश दास को दोषी पाकर एक-एक वर्ष की कैद की सजा सुनायी गयी, साथ ही प्रत्येक दोषियों को चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माना नहीं देने पर अलग से तीन माह की कैद की सजा सुनायी गयी. मालूम हो कि यह मुकदमा राजदेव साहनी की शिकायत पर 14 अक्तूबर 2019 को केस दर्ज हुआ था, जिसमें गैर जमानती धाराएं लगायी गयी थी. दर्ज मुकदमा के अनुसार पुलिस गश्ती के दौरान पुलिस ने मोटरसाइकिल को रोका और तलाशी ली. इस दौरान अवैध आर्म्स पिस्टल बरामद की. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से 10 लोगों ने गवाही दी व घटना का समर्थन किया. अदालत ने अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस सुनी, इसके बाद तीनों को दोषी करार दिया और उपरोक्त सजा सुनायी.

हाइलाइट्स

॰प्रत्येक दोषियों को 4000 रुपये का जुर्माना भी लगाया

॰सीजेएम दिव्या मिश्रा की अदालत ने आर्म्स एक्ट मामले में सुनाया फैसला॰जुर्माना नहीं देने पर अलग से तीन माह की कैद की सजा सुनायी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Falguni marik

विगत 32 वर्षों से प्रभात खबर में पत्रकारिता करते आ रहा हूं. विशेष तौर पर कोर्ट से संबंधित खबरों के अलावा श्रावणी विशेषांक -बिल्व पत्र में धार्मिक आलेख लेखन, दुर्गापूजा के अवसर पर निकाली गयी दुर्वाक्षत में धार्मिक लेख लिखने, सामयिक कॉलम कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन का अनुभव है. साथ ही लोक भाषा खोरठा में कविता, कहानी लेखन का अनुभव है. झारखंड अधिविध परिषद रांची के वर्ग अष्टम के पाठ्यक्रम में तथा आचार्य विनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए की कक्षा के पाठ्यक्रम में कविता शामिल हो चुकी है. विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में कविताएं, कहानियां व आलेखों का भी प्रकाशन हो चुका है.

प्रभात खबर में विगत 32 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव. विशेष तौर पर अदालत की खबरों पर पकड़ है. इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं पर आलेख छपते रहा है. बिल्व पत्र श्रावणी विशेषांक में धार्मिक आलेख, सामयिक कॉलम- कोर्ट कचहरी का चक्कर, क्राइम स्टोरी आदि लेखन करते रहे हैं. लोक भाषा खोरठा की जानकारी है एवं इनकी कविता झारखंड अधिविध परिषद में वर्ग अष्टम तथा बिनोवा भावे विश्वविद्यालय में बीए पाठ्यक्रम में शामिल है.

Read More
Tags
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >