प्रमुख संवाददाता, देवघर . शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण माहौल देने के लिए डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने शनिवार को जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये. बैठक में उन्होंने मध्याह्न भोजन योजना, समग्र शिक्षा अभियान, स्कूलों में नामांकन, पोशाक वितरण, डिजिटल शिक्षा, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में सीबीएसइ चयन, आइसीटी प्रोग्राम, स्मार्ट क्लास और स्टीयरिंग कमेटी से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की.
बैठक में सरकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना, बीआरसी भवन, केंद्रीय विद्यालयों की स्थिति, स्मार्ट क्लास, आइसीटी लैब, पौधरोपण, पुस्तक वितरण, खेलकूद और पुस्तकालयों की प्रगति की भी समीक्षा की गयी. डीसी ने विद्यालयों में सुव्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और डिजिटल शिक्षा के प्रसार पर बल दिया. बैठक में डीडीसी पीयूष सिन्हा, एसडीओ रवि कुमार, डीइओ विनोद कुमार, डीएसइ मधुकर कुमार, एपीआरओ रोहित कुमार विद्यार्थी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और प्रखंड शिक्षा प्रसारक मौजूद थे.साफ-सफाई, ड्रेस और मिड-डे मील पर विशेष जोर
डीसी ने कहा कि स्कूलों में साफ-सफाई, बच्चों के ड्रेस वितरण और मिड डे मील की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाये. उन्होंने बच्चों के नियमित नामांकन सुनिश्चित करने और अनुपस्थित छात्रों को स्कूल से जोड़ने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया. आउट ऑफ स्कूल और ड्रॉप आउट प्रतिशत को कम करने, शिक्षक-छात्र उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही मिड डे मील की समय पर उपलब्धता और गुणवत्ता की जांच को प्राथमिकता देने की बात कही.पोषण वाटिका और रसोई शेड की स्थिति पर हुई चर्चा
डीसी ने रसोई शेड, खाद्यान्न की हर माह समय पर उपलब्धता, पोषण वाटिका (किचन गार्डन) और विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों की उपलब्धता की भी बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने बच्चों के भोजन की गुणवत्ता को नियमित जांचने और समय पर सुधार करने का निर्देश दिया. डीसी ने सभी को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
