देवघर : कैशबैक से लेकर पीएम किसान योजना और बिजली बिल तक के नाम पर लोगों को ठगने का खेल करौं के अंबाटीला जंगल में चल रहा था. पुलिस ने 12 सितंबर को छापेमारी कर दो सगे भाइयों समेत चार युवकों को साइबर ठगी करते रंगेहाथ गिरफ्तार किया.
साइबर डीएसपी के नेतृत्व में कार्रवाई
एसपी प्रवीण पुष्कर के आदेशानुसार साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलायी जा रही कार्रवाई के तहत साइबर डीएसपी कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में साइबर थाना और करौं थाना की विशेष टीम ने छापेमारी की.
चार आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में करौं थाना क्षेत्र के जागाडीह गांव निवासी रूपलाल कुमार पोद्दार, दुधानी गांव निवासी मो. सलीम अंसारी तथा मारगोमुंडा थाना क्षेत्र के केन्दुआटांड गांव निवासी सहोदर भाई कन्हैया कुमार दास और समीर कुमार दास शामिल हैं.
कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध साइबर अपराधी फर्जी तरीके से फ्लिपकार्ट व अमेजन के कस्टमर केयर प्रतिनिधि, एयरटेल पेमेंट बैंक पदाधिकारी तथा गूगल पे और फोनपे कस्टमर केयर अधिकारी बनकर ठगी कर रहे हैं.
कैशबैक का झांसा देकर लेते थे मोबाइल एक्सेस
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी गूगल पे, फोनपे और एयरटेल पेमेंट बैंक कस्टमर केयर पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को कैशबैक का झांसा देते थे. पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस प्राप्त करने के बाद साइबर ठगी करते थे.
नौ मोबाइल और 10 सिमकार्ड बरामद
पुलिस ने नौ मोबाइल फोन और 10 सिमकार्ड बरामद किये. प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी में संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं.
पूर्व में भी जेल जा चुका है आरोपी
रूपलाल कुमार पोद्दार पूर्व में साइबर थाना, देवघर के कांड संख्या 152/2017 में जेल जा चुका है.
छापेमारी दल में ये रहे शामिल
छापेमारी दल में साइबर थाना के इंस्पेक्टर नागेन्द्र कुमार सिन्हा, करौं थाना प्रभारी दीपक कुमार भारती सहित दोनों थाना के सशस्त्र बल शामिल थे.
