विधि संवाददाता, देवघर. एडीजे तृतीय सह पॉक्सो एक्ट स्पेशल जज राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत से हत्या मामले के दोषी पूरन राणा को सश्रम उम्रकैद की सजा सुनायी गयी. सेशन ट्रायल केस सरकार बनाम पूरन राणा की सुनवाई पूरी करने के बाद यह फैसला सुनाया गया, साथ ही सजायाफ्ता को 16, 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर अलग से तीन साल की सश्रम सजा काटनी होगी.
सजा पाने वाला अभियुक्त देवीपुर थाना के बंदरबासा गांव का रहने वाला है और इसके विरुद्ध गांव की एक महिला की शिकायत पर देवीपुर थाना में 21 जुलाई 2024 को मुकदमा दर्ज हुआ था. इसमें धालू राणा को लाठी से पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगाया गया था. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियाेजक सुनील कुमार सिंह ने घटना के समर्थन में 12 लोगाें की गवाही अदालत में प्रस्तुत की और दोष सिद्ध कराने में सफल रहे. बचाव पक्ष के अधिवक्ता आरोप मुक्त नहीं करा पाये. इस मामले में दो साल के अंदर सूचक व पीड़िता को न्याय मिला.क्या था मामला
दर्ज मुकदमा के अनुसार सूचक की पुत्री आंगन में स्नान कर रही थी. मौका पाकर गलत नीयत से आरोपित आंगन में प्रवेश कर गया. पीड़िता के विरोध करने पर भाग गया. इसके बाद आरोपित डंडा लेकर आया और सूचक के पति की बेरहमी से पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी माैत हो गयी. इस घटना को लेकर मृतक की पत्नी के बयान पर देवीपुर थाना में केस दर्ज हुआ. पुलिस ने अनुसंधान पूरी करने के बाद नामजद के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया. इसके बाद केस का स्पीडी ट्रायल चला, जिसमें अदालत ने हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी पाकर उपरोक्त सजा सुनायीं. सभी सजा साथ-साथ चलेगी.कब क्या हुआ एक नजर में
21 जुलाई 2024 को एफआइआर दर्ज12 सितंबर 2024 को चार्जशीट दाखिल
30 मार्च 2026 को फैसला आयाहाइलाइटर
16, 600 रुपये जुर्माना भी लगायापीट-पीट कर धालू राणा की कर दी गयी थी हत्यादेवीपुर थाना के बंदरबासा गांव में घटी थी 21 जुलाई 2024 को घटना
