सारवां. सीएचसी सभागार में एम्स देवघर द्वारा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ), बीटीटी, एसटीएलएस एवं एसटीएस के लिए एक दिवसीय एक्स्ट्रा टीबी खोज एवं पहचान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बी के सिन्हा की देखरेख में संपन्न हुआ. प्रशिक्षण के दौरान एम्स देवघर के प्रशिक्षक रोहित कुमार ने एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी (एक्स्ट्रा टीबी) की पहचान और उसके लक्षणों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि महिलाओं के स्तन में किनारे की ओर गांठ होने के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी गांठ पाये जाने पर यह एक्स्ट्रा टीबी का संकेत हो सकता है. इसके अलावा कंधे, गर्दन अथवा अन्य स्थानों पर गांठ मिलने पर लोगों को बिना देरी किए सीएचसी में जांच करानी चाहिए. रोहित कुमार ने बीटीटी, सहिया साथी एवं सहियाओं से ग्रामीणों को जागरूक करने और संदिग्ध मरीजों को चिन्हित कर स्वास्थ्य केंद्र तक लाने की अपील की, ताकि समय रहते यह पता लगाया जा सके कि गांठ टीबी के कारण है या किसी अन्य बीमारी के कारण. प्रशिक्षण में शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गांठ की समस्या को लेकर लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दी गयी. मौके पर डॉ जगजीवन मुर्मू, बीडीएम प्रशांत कुमार, संतोष प्रमाणिक, कुमुदिनी लकड़ा, दीप्ति तिर्की, आलोक कच्छप, बिट्टू सिंह पटेल, आदित्य राज, आदित्य भारती, सुहानी सहाय समेत कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
एक्स्ट्रा टीबी खोज को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को एम्स के प्रशिक्षक ने दिया शरीर गांठ के पहचान का प्रशिक्षण
