देवघर : मोहनपुर प्रखंड में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (एमडीएम) के लिए आवंटित 1037 क्विंटल सरकारी चावल के गबन के मामले में पुलिस ने अनुसंधान पूरा करते हुए तत्कालीन जनसेवक सह पूर्व सहायक गोदाम प्रबंधक सुनील कुमार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है. मोहनपुर थाना कांड में पुलिस ने आरोप पत्र संख्या 160/26 दिनांक 18 अगस्त 2026 को न्यायालय में समर्पित किया है. अनुसंधान में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात चार्जशीट में कही गयी है.
दो तिमाही में गायब पाया गया 1037 क्विंटल चावल
चार्जशीट के अनुसार, अप्रैल 2024 से सितंबर 2024 के बीच मोहनपुर प्रखंड गोदाम से एमडीएम का कुल 1037 क्विंटल चावल गायब पाया गया था. इसमें अप्रैल से जून 2024 की पहली तिमाही का 62 क्विंटल तथा जुलाई से सितंबर 2024 की दूसरी तिमाही का 975 क्विंटल चावल शामिल है. उक्त अवधि में सुनील कुमार जेएसएफसी मोहनपुर के सहायक गोदाम प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे.
निरीक्षण, गवाहों के बयान और दस्तावेज के आधार पर जांच
पुलिस ने घटनास्थल के निरीक्षण, गवाहों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले को सत्य पाया है. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 338, 336(3), 340(2), 318(4) और 316(4) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है.
27 जुलाई को कोर्ट में किया आत्मसमर्पण
आरोपी सुनील कुमार ने 27 जुलाई 2026 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद वह जमानत पर है.
वर्ष 2025 में सामने आया था मामला
मोहनपुर प्रखंड में एमडीएम के लिए आवंटित 1037 क्विंटल चावल के उठाव में गड़बड़ी का मामला वर्ष 2025 में सामने आया था. तत्कालीन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी संत मर्सी टुडू ने जेएसएफसी मोहनपुर के तत्कालीन सहायक गोदाम प्रबंधक सह जनसेवक सुनील कुमार के खिलाफ प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया था.
दो तिमाही का चावल था शामिल
अप्रैल से जून 2024 तक 62 क्विंटल और जुलाई से सितंबर 2024 तक 975 क्विंटल, कुल 1037 क्विंटल चावल प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत विद्यालयों के लिए आवंटित था.
अभिलेखों में हेरफेर का लगाया गया था आरोप
शिकायत में चावल के उठाव व विद्यालयों तक पहुंचने से संबंधित अभिलेखों में हेरफेर का आरोप लगाया गया था. विभागीय निर्देश पर दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गयी थी.
