संजीव मिश्रा
देवघर : बांग्ला श्रावणी की दूसरी सोमवारी पर सोमवार शाम बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर में पारंपरिक एवं आकर्षक बेलपत्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. शाम सात बजे विभिन्न बेलपत्र दलों ने विधि-विधान से बाबा भोलेनाथ का पूजन कर बेलपत्र अर्पित किया. इसके बाद मंदिर परिसर में सजी अनोखी पहाड़ी बेलपत्र प्रदर्शनी को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.
बताया जाता है कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर में बेलपत्र प्रदर्शनी और विशेष पूजन की यह परंपरा डेढ़ सौ वर्ष से भी अधिक पुरानी है. मान्यता के अनुसार इसकी शुरुआत पुरोहित समाज के बमबम बाबा ब्रह्मचारी ने की थी. तब से यह परंपरा श्रद्धा और उत्साह के साथ लगातार निभाई जा रही है.
चांदी की थाल में सजे पहाड़ी बेलपत्र बने आकर्षण का केंद्र
शाम करीब पांच बजे विभिन्न समाजों के सदस्य चांदी की थाल में आकर्षक ढंग से सजे पहाड़ी बेलपत्र लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर परिसर पहुंचे. निर्धारित स्थानों पर चांदी, तांबा और स्टील के पात्रों में त्रिनेत्र के आकार की मनमोहक बेलपत्र सजावट की गई, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया.
इन मंदिरों में लगी बेलपत्र प्रदर्शनी
काली मंदिर में जनरल समाज और देव कृपा वन सम्राट समाज, तारा मंदिर में बरनेल समाज के दो दल, लक्ष्मी नारायण मंदिर में मसानी समाज के दो दल, राम मंदिर में राजाराम बेलपत्र समाज के दो दल तथा आनंद भैरव मंदिर में पंडित मनोकामना राधेश्याम बेलपत्र समाज के दो दलों ने अपनी-अपनी बेलपत्र प्रदर्शनी सजाई. इसके अलावा शांति अखाड़ा समाज की ओर से भी आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई.
प्रदर्शनी के दौरान सभी दलों ने क्रमवार बाबा बैद्यनाथ का बेलपत्र पूजन किया. परंपरा के अनुसार बांग्ला श्रावण माह की प्रत्येक सोमवारी को बाबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और बेलपत्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं.
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