मधुपुर. शहर के भेड़वा स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में भारतरत्न डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती व महापंडित राहुल सांकृत्यायन की स्मृति दिवस पर उन्हें याद किया गया. उपस्थित लोगों ने दोनों विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. वहीं, संरक्षक धनंजय प्रसाद ने कहा कि बाबा साहेब डॉ भीमराव आंबेडकर जाति विहीन समाज के प्रणेता व संविधान निर्माता थे. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आज भी प्रासंगिक है. बाबा साहेब का मूलमंत्र शिक्षित बनो, संगठित हो व संघर्ष करो को हमें नहीं भूलना चाहिए. उनके बताये गये रास्ते पर चल कर हमें समतामूलक समाज व देश बनाना है. उन्होंने कहा कि महापंडित हुल सांकृत्यायन ने सामाजिक विषमताओं व दबे-कूचले लोगों की समस्याओं को उजागर किया है. उन्होंने अपने बूते पर लंबी शैक्षणिक यात्राएं की और दुनिया को विपुल साहित्य प्रदान किया है. ऐसे अनुसंधानकर्ता लेखक इस दुनिया में बिरले ही मिलते हैं. वहीं, सुरेश गुप्ता, ओमप्रकाश व नदीम आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
बाबा साहेब आज भी हैं प्रासंगिक : धनंजय
मधुपुर के राहुल अध्ययन केंद्र में बाबा साहेब की जयंती मनी
