सारवां। बाल विकास परियोजना सारवां-सोनारायठाढ़ी की 166 आंगनबाड़ी सेविकाओं ने झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संघ के निर्देश पर प्रखंड सेविका संघ अध्यक्ष प्रमिला यादव के नेतृत्व में अपनी मांगों का ज्ञापन बीडीओ सह सीडीपीओ रजनीश कुमार के नाम प्रधान सहायक निरंजन कुमार को सौंपा. सेविकाओं ने बताया कि मार्च 2026 से दोनों प्रखंडों के 166 आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार मद का भुगतान नहीं हुआ है. इससे उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
उधार राशन लेकर चलाये केंद्र, अब दुकानदारों ने भी किया इनकार
सेविकाओं के अनुसार, पांच महीने तक दुकानदारों से उधार राशन लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार का संचालन किया गया. अब दुकानदारों ने उधार राशन देने से इनकार कर दिया है. सेविकाओं ने चेतावनी दी कि यदि पोषाहार मद का भुगतान नहीं किया गया तो एक सितंबर से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार पूरी तरह बंद कर दिया जायेगा. इसकी पूरी जवाबदेही विभाग की होगी.
मानदेय भी मार्च से लंबित
ज्ञापन में सेविकाओं ने बताया कि उन्हें केंद्र से प्रतिमाह 4,500 रुपये मानदेय दिया जाता था, जिसका भुगतान भी मार्च 2026 से अब तक लंबित है. सेविकाओं ने जल्द से जल्द पोषाहार मद और मानदेय का भुगतान करने की मांग की है. ज्ञापन पर सेविका इंदु कुमारी झा, गीता कुमारी सिंह, पुतुल देवी, रेखा देवी, बीपी कुमारी, निभा देवी, गुड़िया कुमारी, रेणु कुमारी, चंदा कुमारी, रीना देवी, सुमन कुमारी, अंजू कुमारी, शांभवी परवीन, रीता कुमारी, मीना कुमारी, गायत्री देवी, आशा देवी, कल्पना देवी और वीणा देवी समेत अन्य सेविकाओं के हस्ताक्षर हैं
