मारगोमुंडा. थाना क्षेत्र के परसिया गांव के काशीडीह टोला निवासी 18 वर्षीय युवक रमेश सोरेन की सर्पदंश से मौत हो गयी. घटना उस समय हुई जब अत्यधिक गर्मी के कारण युवक रात में घर के दरवाजे के पास आंगन में जमीन पर सो रहा था. इसी दौरान एक सांप आंगन में घुस आया और उसने युवक को डस लिया. सांप काटने के बाद युवक की नींद अचानक खुल गई और उसने सांप को भागते हुए देखा. शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी जाग गये. इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने लगे. इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गयी. स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवक की मौत हो गयी. घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है. ग्रामीणों का कहना है कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक पर भरोसे के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका, जिससे उसकी जान चली गयी. लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय पर युवक को अस्पताल पहुंचाया जाता, तो उसकी जान बचायी जा सकती थी. घटना की जानकारी पुलिस और अन्य अधिकारियों को ग्रामीणों द्वारा दे दी गयी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है. — झाड़-फूंक में समय गंवाने से गयी जान, गांव में मातम झाड़-फूंक के चक्कर में उजड़ गया परिवार अंधविश्वास ने छीनी एक और जान, अस्पताल पहुंचने से पहले ही चल गयी जान गर्मी में आंगन में सोया था युवक
मारगोमुंडा में सर्पदंश से युवक की मौत
मधुपुर: सर्पदंश के बाद अस्पताल की बजाय झाड़-फूंक
