नगमे छेड़ो, इंसान जगाने को....गीत पर खूब बटोरी तालियां

नववर्ष की पूर्व संध्या पर काव्य संध्या आयोजित

मधुपुर. शहर के भेड़वा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में नववर्ष की पूर्व संध्या पर जनवादी लेखक संघ के तत्वावधान में बुधवार को काव्य संध्या का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा के प्रवीण शरण ने नवयुग कहता है नगमे छेड़ो, इंसान जगाने को…. गीत गाकर किया. धनंजय प्रसाद ने गजल पढ़ते हुए कहा कि कविता में ही जीवन का सार लिखता हूं, मौजूदा हालात व जीवन संसार लिखता हूं…. रजा मधुपुरी ने कहा कि ये हकीकत है कि पहले इतना माल व जर न था, पर कभी इतना तो नीचा आदमी का सिर न था…., ताहिर मधुपुरी ने कहा कि रंजिशें छोड़ दो खुश रंग तबीयत कर लो, दिल में तामीर मुहब्बत की इमारत कर लो….., जनवादी लेखक संघ के जिला सचिव कपिल देव राणा ने कविता पाठ किया. उन्होंने कहा कि दबी जुबान में अब बोलना होगा, उलझी हुई गद्दी अब खोलना होगा….,सुखदेव वर्मन ने जिंदगी कविता पाठ करते हुए कहा कि अंधेरी रात बीत गई…. आदि एक से बढ़कर एक कविता प्रस्तुत किया. इसके अलावे सुरेन्द्र पंडित, आलोक गोरखपुरी, अरुण निर्झर आदि ने भी अपने-अपने फण से लोगों के मंत्रमुग्ध कर दिया. सभी रचनाकारों ने बीते वर्ष की विदाई दो और नये साल की बेहतरी की कामना किया. हाइलार्ट्स : नववर्ष की पूर्व संध्या पर काव्य संध्या आयोजित

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Author: BALRAM

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