अमन, सलामती व मोहब्बत का पैगाम देता है इस्लाम : मौलाना फहीमुद्दीन

जिक्रे नबी व औलिया कॉन्फ्रेंस आयोजित

मधुपुर. शहर के धमना फाटक के निकट ख्वाजा गरीब नवाज के 814वें उर्स पाक के अवसर पर जिक्रे नबी व औलिया कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के रानीगंज से आये पीरे तरीकत हजरत सैयद अहमद रजा नूरी अशरफी मुख्य रूप से उपस्थित रहे. कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हाफिज व कारी हजरत मौलाना फहीमुद्दीन मिस्बाही ने तिलावते कुरान-ए-पाक से किया. पीरे तरीकत सैयद अहमद रजा नूरी ने कहा कि इस्लाम अमन, सलामती व मोहब्बत का पैगाम देता है. इस्लाम की असली पहचान इंसानियत, हक व आपसी भाईचारे में है. उन्होंने कहा कि हमारे प्यारे नबी हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम इंसानियत और मोहब्बत का पैगाम लेकर आये और औलिया-ए-कराम व सूफिया-ए-इजाम ने उन्हीं के नक्शे-कदम पर चलते हुए इस मुल्क में प्यार और अमन की शमा रोशन किया. उन्होंने कहा कि औलिया-ए-कराम ने अपनी रूहानी ताकत से ज़ुल्म, जब्र और नफरत को मोहब्बत से खत्म किया. लोगों को अल्लाह की राह की दावत दिया. आज पूरे हिंदुस्तान में इस्लाम की जो रोशनी फैली हुई है, वह इन्हीं बुजुर्गों ने दीन की देन है. आज के दौर में फिर से ख्वाजा गरीब नवाज जैसी रूहानी शख्सियत की सख्त जरूरत है, जिन्होंने अपनी रूहानियत से इस्लाम का परचम बुलंद किया. मौके पर मौलाना सूफी उजैर अहमद अशरफी, मौलाना मुस्लिम अख्तर शिवानी, मौलाना जमील अख्तर, हाफिज व कारी फहीमुद्दीन मिस्बाही, मौलाना जमशेद, शफकत हुसैन अशरफी, गुफरान अयूबी, मौलाना गुलाम हुसैन जामी, हाजी सुल्तान अहमद, अख्तर हसनैन क़ादरी, एनुल हुदा, फजलुर रहमान आदि मौजूद थे. हाइलार्ट्स : जिक्रे नबी व औलिया कॉन्फ्रेंस आयोजित

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By BALRAM

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