वे एक महामानव थे जिन्होंने मानसिक प्रताड़ना सह कर भी सकारात्मक सोच रखा और देश-देशांतर में अपनी विद्वता का झंडा गाड़ा. वर्षा भारती ने कहा कि बाबा साहेब ने छूआछूत परंपरा को खत्म किया. तनिसा ने कहा कि संविधान का निर्माण कर उन्होंने नवीन भारत बनाया. रिषभ राज ने कहा कि सामाजिक प्रताड़ना सहने के बाद भी वे अपनी धुन में लगे रहे.
वे हम सबों के आदर्श हैं. आदर्श ने कहा कि उनकी जीवनी से हमें हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी. भाषण प्रतियोगिता में वर्षा भारती को प्रथम, तनीषा अनवर को द्वितीय व रिषभ राज तृतीय रहे. वहीं निबंध प्रतियोगिता में अंजलि, पायल व निखिल परासर को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार मिला. इस अवसर पर संजय झा, कौशल कुमार, अमित मिश्रा व विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद थे.
