आतंक के खिलाफ मुसलमानों को भी कमर कसने की जरूरत

सारठ: भारत के मुसलमानों को भी आतंकवाद के खिलाफ कमर कसने की जरूरत है. कोई भी मुसलमान कानून हाथ में ना लें, भारतीय संविधान पर भरोसा रखें. ये बातें सारठ मदरसा में आयोजित कौमी इत्तेहाद मोरचा की सभा को संबोधित करते हुए पूर्व राज्य सभा सदस्य सह बिहार विधान परिषद के सदस्य गुलाम रसूल वलियाबी […]

सारठ: भारत के मुसलमानों को भी आतंकवाद के खिलाफ कमर कसने की जरूरत है. कोई भी मुसलमान कानून हाथ में ना लें, भारतीय संविधान पर भरोसा रखें. ये बातें सारठ मदरसा में आयोजित कौमी इत्तेहाद मोरचा की सभा को संबोधित करते हुए पूर्व राज्य सभा सदस्य सह बिहार विधान परिषद के सदस्य गुलाम रसूल वलियाबी ने कही. सभा में आतंकवाद मुर्दाबाद व हिंदुस्तान जिंदाबाद के भी नारे लगे. बलियावी ने कहा कि भारत के मुसलमान गुनाहगार हो सकते हैं पर गद्दार नहीं.

फौज में 30 प्रतिशत जगह मुसलिम बच्चों को सरकार दे दे, आतंकवाद जड़ से मिटा दिया जायेगा. कहा कि हमने सभी पार्टी पर विश्वास रखा. फिर चाहे वह कांगेस हो या झामुमो व राजद लेकिन हश्र क्या हुआ. अब राजनीतिक दलों से सावधान रहने की जरूरत है. इन पार्टियों ने हमारे बच्चों के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि झारखंड में गुंडों व दलालों का गंठजोड़ हो गया है, जिसे चलने नहीं दिया जायेगा. 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलेंगे.

उनसे पूछा जायेगा कि कब तक मजलूमों पर सत्ता का प्रहार होता रहेगा. उन्होंने लोगों से मोरचा का सदस्य बनने की अपील की. सभा को इस्तियाक मिर्जा, अबरार शेख, आलमीन मिर्जा,रफीक अंसारी, रजाउल, अफजल, मौलाना अनवर, हाफिज सद्दाम, मुफ्ती सफीदउल्ला समेत कई मौलानाओं व हजरत ने कौमी एकता को मजबूत करने पर बल दिया. इस दौरान मुखिया अब्दुल मियां, मो जर्जीस, समीउद्दीन मिर्जा, मो कयूम, मोहसिन आलम, मौलाना अली अशरफ आदि थे.

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