जलाशय सूखे, पानी के लिए त्राहिमाम

मधुपुर : शहर व ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए अभी से ही हाहाकार मचा हुआ है. कुआं, तालाब आदि जलाशय सूखने के कारण कई मुहल्लों व गांवों में त्राहिमाम मची है. पौ फटने से पहले ही घर के सदस्य पानी की जुगत में लग जाते हैं. ड्राइजोन वाले इलाके में पानी की घोर किल्लत […]

मधुपुर : शहर व ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए अभी से ही हाहाकार मचा हुआ है. कुआं, तालाब आदि जलाशय सूखने के कारण कई मुहल्लों व गांवों में त्राहिमाम मची है. पौ फटने से पहले ही घर के सदस्य पानी की जुगत में लग जाते हैं. ड्राइजोन वाले इलाके में पानी की घोर किल्लत है. मधुपुर शहर के नया बाजार, पथरचपटी, अब्दुल अजीज रोड व मीना बाजार के कुछ इलाकों में पहले से ही जल संकट बरकरार है. ये इलाके ड्राइजोन की सूची में है.

यहां आम दिनों में भी पानी की किल्लत मची रहती है. वर्षों से नहीं सूखने वाले शहर के बीचोबीच स्थित झील तालाब व नबी बक्श तालाब भी इस साल सूखने की कगार पर है. जिस कारण आसपास के मोहल्लों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है. पतरो, अजय और जयंती नदियों का भी बुरा हाल है. देवघर जिले ही नहीं बल्कि राज्य के बड़ी नदियों में इनकी गिनती होती है.

कई जगह ग्रामीण नदी में चुआं खोद कर पीने के पानी ले रहे हैं. नदी के आसपास बसे गांव में नदी सूखने का असर दिख रहा है. फसल बुरी तरह से प्रभावित हो रही है. साथ ही गांवो का चापाकल व कुआं भी सूखता जा रहा है. प्रखंड के 95 प्रतिशत से अधिक तालाब सूख चुके हैं. मवेशी को भी पीने के पानी के लिए जहां-तहां भटकते देखा जा रहा है.

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