मामला: सारठ में विधवा सम्मान योजना में ठगे गये लाभुक, वितरण के साथ ही मरने लगे बकरे-बकरियां

देवघर: सारठ प्रखंड में पशु पालन विभाग से विधवा सम्मान योजना के तहत वितरित किये गये 108 बकरा-बकरी में दर्जनों बकरे-बकरियां महज डेढ़ माह के अंदर ही मर चुके हैं. विधवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पशुपालन विभाग ने सारठ प्रखंड में कुल 18 यूनिट में नि:शुल्क बकरा-बकरी का वितरण करीब दो माह पहले किया […]

देवघर: सारठ प्रखंड में पशु पालन विभाग से विधवा सम्मान योजना के तहत वितरित किये गये 108 बकरा-बकरी में दर्जनों बकरे-बकरियां महज डेढ़ माह के अंदर ही मर चुके हैं. विधवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पशुपालन विभाग ने सारठ प्रखंड में कुल 18 यूनिट में नि:शुल्क बकरा-बकरी का वितरण करीब दो माह पहले किया था.
विभाग ने बीमा के साथ प्रत्येक यूनिट में चार बकरी व दो बकरा वितरण किया गया. वितरण किये जाने के दो दिनाें बाद ही बकरा-बकरी बीमार होने लगी, लाभुकों ने बीमार बकरा-बकरी का इलाज भी कराया. लेकिन कमजोर बकरा-बकरी होने की वजह से मरना शुरू हो गया. कुल 108 बकरे-बकरियों में लगभग 60 अब तक मर चुके हैं.

इसकी सूचना मिलने पर सारठ प्रमुख रंजना देवी लाभुकों से जाकर मिली व स्थिति से अवगत किया. सारठ प्रमुख रंजना देवी, झिलुअा पंचायत की मुखिया मीना देवी व पलमा पंचायत के मुखिया समेत लाभुकों ने डीसी को आवेदन देकर टीम गठित कर जांच की मांग की है. प्रमुख के अनुसार बकरा-बकरी मरने की सूचना मिलने पर जब पशुपालन पदाधिकारी को आपूर्तिकर्ता को भुगतान नहीं करने को कहा गया, बावजूद बकरा-बकरी अापूर्तिकर्ता को भुगतान कर दिया गया.

इन गांवों के लोगों ने की डीसी से शिकायत
झिलुवा में सुनिया देव्या, यशोद देवी, माली मंझियान, मालो देव्या, फोजदराबांक तारो देवी, मेघिया देवी, रती देवी, दिगघी सावित्री देवी, पहरुडीह में बहादी किस्कु, बोढ़ना में फुलमनी देव्या आदि की बकरा-बकरी मर चुका है, इन महिलाओं ने डीसी को पत्र लिखकर जांच की मांग की है.
केस स्टडी : 1
झलुआ गांव की मालो देव्या को विधवा सम्मान योजना के तहत नि:शुल्क चार बकरी व दो बकरा मिला था. लेकिन सप्ताह भर के अंदर ही मालो देव्या का सरकारी बकरा-बकरी मर गया. मालो ने बताया कि बीमार बकरा-बकरी के इलाज में भी उन्होंने काफी पैसे खर्च कर दिये.

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