देवघर: जसीडीह स्थित बीआइटी एक्सटेंशन देवघर कैंपस में शैक्षणिक उपाधि वितरण समारोह का आयोजन किया गया. इसमें बीआइटी एक्सटेंशन देवघर व पटना के छह सौ से ज्यादा विद्यार्थियों के बीच उपाधि वितरण किया गया. कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के पूर्व कुलपति डॉ प्रो महेंद्र प्रसाद सिंह, बीआइटी मेसरा के कुलपति प्रो मनोज कुमार मिश्रा, रजिस्ट्रार डॉ एपी कृष्णा, शैक्षणिक डीन डॉ बीके सिंह, बीआइटी देवघर के निदेशक डॉ जेके प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया. मुख्य अतिथि डॉक्टर प्रो महेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षक का असल सम्मान छात्र होता है.
आप सफलता का रोल मॉडल बनें. यह सफलता अपनी मेहनत व एकाग्रता के कारण मिली है. शिक्षा हासिल करने का कोई उम्र नहीं होता है. किताब व इंटरनेट की शिक्षा के साथ-साथ सफलता के लिए नैतिक व चारित्रिक शिक्षा बेहद जरूरी है. इसलिए शैक्षणिक संस्थानों को प्रयास करना चाहिए कि उनके विद्यार्थी एक सामाजिक, देशभक्त और कुशल नागरिक के रूप में विकसित हों. उपाधि वितरण समारोह शिक्षा का समापन नहीं बल्कि आरंभ होता है. विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी प्रतिभा से सफलता का ऐसा परचम लहराये की आप अपने राज्य का नाम पूरे देश में बेहतर उदाहरण के साथ पेश कर सकें. आप देश के भविष्य हैं.
समारोह में स्नातक इंजीनियरिंग में 127 विद्यार्थी, स्नातकोत्तर इंजीनियरिंग में 13 विद्यार्थी, भौतिकी विज्ञान पीएचडी में एक, स्नातक बीबीए एवं बीसीए में क्रमश: आठ और नौ विद्यार्थी, स्नातक बीबीए में 10 विद्यार्थी, स्नातकोत्तर एमबीए में चार विद्यार्थी को उपाधि प्रदान किया गया. बीआइटी देवघर के रोहित मिश्रा को प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडल मिला. बीआइटी पटना की प्रियंका एवं स्तुति को इसीइ एवं बीबीइ में गोल्ड मेडल मिला. इस मौके पर बीआइटी देवघर के रजिस्ट्रार मनोज गिरी, रजिस्ट्रार एसके तिवारी धर्मेन्द्र कुमार सिंह, अशोक सिंह, विश्वनाथ महतो, अमित मिश्रा सहित कैंपस स्टॉफ, विद्यार्थी एवं काफी संख्या में माता-पिता व अभिभावक आदि मौजूद थे.
आप गौरवशाली परंपरा के उत्तराधिकारी हैं : प्रो मनोज कुमार मिश्रा
बीआइटी मेसरा के कुलपति प्रो मनोज कुमार मिश्रा ने कहा कि उपाधि प्राप्त करना काफी सुखद क्षण है. अब आप गौरवशाली परंपरा के उत्तराधिकारी हो गये हैं. यह समारोह ज्ञान की समाप्ति नहीं बल्कि शुरुआत है. ज्ञान की प्राप्ति के लिए शिक्षकों एवं ज्ञान के प्रति श्रद्धा व तत्परता जरूरी है. अन्यथा इसका कोई फायदा नहीं है. आज हमारा समाज अशांति से पीड़ित है. इसका मूल वजह अज्ञान है. ऐसे में आप सबों को सामाजिक विकास एवं गरीबों के उत्थान में बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए. आप विद्यार्थी नौकरी पाने की लालसा मत रखें, बल्कि नौकरी देने वाले बनें. यहां के विद्यार्थियों की दूरदर्शिता काफी व्यापक होना चाहिए. उपाधि प्राप्त करने के बाद आपका दायित्व, भाव व कर्त्तव्य बोध बहुत बढ़ जाता है.
श्रद्धा प्रसाद को मिली पीएचडी की डिग्री
बीआइटी देवघर की श्रद्धा प्रसाद को समारोह में पीएचडी की डिग्री से नवाजा गया. बीआइटी मेसरा के कुलपति डॉ मनोज कुमार मिश्रा द्वारा डिग्री प्रदान की गयी. डिग्री प्राप्त कर श्रद्धा प्रसाद काफी गौरवांवित महसूस कर रही हैं. प्रभात खबर से बातचीत में उन्होंने कहा कि वर्तमान में रांची में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य कर रही हूं. अपने एरिया में एकेडमिक में काफी काम करना है. मेरी उपलब्धि में परिवार के साथ-साथ मेरे पति एम कुमार का काफी सहयोग मिला है. पति टाइम ऑफ इंडिया पटना में संपादकीय विभाग में वरीय अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ समर्पण जरूरी है. इसका अनुपालन सबों को ईमानदारी पूर्वक करना चाहिए.
