आज के दिन ही आंध्र प्रदेश में उगाडी, महाराष्ट्र में गुडी पडवा एवं सिंध प्रांत में चैती चांद के रूप में नववर्ष मनाया जाता है. इसलिए सभी हिन्दुओं को शास्त्र के अनुसार बिक्रम संवत के पहले दिन ही नववर्ष मनाना चाहिए. मौके पर जिला संघ चालक डाॅ युगलकिशोर चौधरी, विभाग संघ चालक मधुसूदन मंडल, मीडिया प्रभारी विवेक जी के अलावे भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रीता चौरसिया, भाजपा की विजया सिंह, कुसुम सिंह, प्रेमलता वर्णवाल, अलका सोनी, अंजली सिन्हा, प्रमोद विद्यार्थी, विष्णु राय, कुश पांडे, सुशील साधु, रोहित राय, कृष्ण मुरारी राय, अमन त्रिवेदी, रणवीर सिंह, आस्तिक गिरि, उपेन्द्र मंडल समेत हजारों स्वयंसेवक मौजूद थे.
सारठ में हजारों ने किया भारत माता का पूजन
सारठ.हिन्दू नववर्ष पर देवघर जिले के सभी प्रखंडों से मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर हजारों स्वयंसेवक सारठ पहुंचे. भारत माता का पूजन किया गया. कार्यक्रम में आरएसएस के शारीरिक प्रांत प्रमुख संतोष तिवारी ने कहा कि हिन्दू धर्म नहीं, ये जीवन दर्शन है. हिन्दू कभी सांप्रादायिक नहीं हो सकता है. भारत भूमि नहीं हमारी माता है. अखंडता […]

सारठ.हिन्दू नववर्ष पर देवघर जिले के सभी प्रखंडों से मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर हजारों स्वयंसेवक सारठ पहुंचे. भारत माता का पूजन किया गया. कार्यक्रम में आरएसएस के शारीरिक प्रांत प्रमुख संतोष तिवारी ने कहा कि हिन्दू धर्म नहीं, ये जीवन दर्शन है. हिन्दू कभी सांप्रादायिक नहीं हो सकता है. भारत भूमि नहीं हमारी माता है. अखंडता पर प्रहार करने की सोच रखने वालों का भारत में कोई स्थान नहीं है. आरएसएस को सांप्रदायिक कहने वालों को करारा जवाब देते हुए कहा कि हिन्दू धर्म ही एक ऐसी संस्कृति है जो पूरे विश्व के कल्याण की सोच रखता है.
उन्होंने कहा कि हिन्दू नववर्ष के अवसर पर पहली बार सारठ की भूमि पर जिले के स्वयंसेवकों का जुटान हुआ है. आने वाले दिनों यहां की दशा एवं दिशा तय करेगी. सभी भारतीय अज्ञानतावश एक जनवरी को नये वर्ष के रूप मे मनाते हैं, जिसका कोई खगोलीय प्रमाण नहीं है. पहली जनवरी को जहां प्रकृति भी लोगों के मनोरंजन के अनुकूल नहीं होती है वहीं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रकृति भी लोगों के काफी अनुकूल होती है. आज के दिन ही भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी. आज से एक अरब संतानवे करोड़ उनचालीस लाख उनचास हजार एक सौ सोलह वर्ष पूर्व सृष्टि की रचना हुई थी.