प्रभात खबर की पहल ने बदल दी जमुनियां गांव की तसवीर

जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर बिहार सीमा से सटे जमुनियां-मजरकोला गांव की तसवीर अब बदल चुकी है. यह गांव विकास की राह पर चल पड़ा है. गांव में खुशहाली आ गयी है. यह खुशहाली लाने में प्रभात खबर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. दरअसल, उपेक्षा का दंश झेल रहे जमुनियां-मजरकोला गांव के विकास के […]

जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर बिहार सीमा से सटे जमुनियां-मजरकोला गांव की तसवीर अब बदल चुकी है. यह गांव विकास की राह पर चल पड़ा है. गांव में खुशहाली आ गयी है. यह खुशहाली लाने में प्रभात खबर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. दरअसल, उपेक्षा का दंश झेल रहे जमुनियां-मजरकोला गांव के विकास के लिए प्रभात खबर ने चार वर्ष पहले इसे गोद लिया था. गांव की समस्याओं को लगातार उठाया गया. साथ ही विशेष पहल से यहां बुनियादी सुविधाएं मुहैया करायी गयी. आज इस गांव में जाने के लिए पुल के साथ-साथ पक्की सड़क बन गयी है. कई चापानल लगाये गये हैं. बिजली के लिए गांव में पोल लग चुके हैं. जमुनियां-मजरकोला गांव के लोगों ने इसके लिए प्रभात खबर का आभार व्यक्त किया है.
देवघर: मोहनपुर प्रखंड के बीचगढ़ा पंचायत में स्थित जमुनियां-मजरकोला गांव को प्रभात खबर की संपादकीय टीम ने फरवरी 2013 में विकास के लिए चयन किया था. इस गांव तक जाने के लिए पुल व सड़क तक नहीं थी. बरसात के दिनों में पूरा गांव टापू बन जाता था. मरीज को खाट के सहारे नदी पार कराना पड़ता था. गांव की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करने के साथ-साथ प्रभात खबर ने ग्रामीणों की समस्याओं से संबंधित विभाग के अधिकारियों व जनप्रतिधियों को अवगत कराया.

सड़क, पुल, बिजली व पेयजल के लिए तत्कालीन डीडीसी शशिरंजन प्रसाद सिंह को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा था.गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने भी प्रभात खबर की पहल पर ही जमुनियां गांव तक पीएजीएसवाइ से सड़क व ठढ़ियारा के ढीबा जोरिया पर पुल स्वीकृति की अनुशंसा की. अब गांव जाने के लिए सड़क व पुल दोनों तैयार हो गया.

जिला मुख्यालय से सीधे जमुनियां-मजरकोला गांव तक पक्की सड़क बन गयी है. अब गांव तक ममता वाहन व ऑटो भी पहुंचती है. जमुनियां-मजरकोला गांव के चयन के बाद प्रभात खबर की संपादकीय टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की व फरवरी 2013 में जमुनियां क्षेत्रीय विकास समिति का गठन किया गया. इस समिति में गांव के मांझी हड़ाम (प्रधान) रुपलाल हांसदा को अध्यक्ष व दरबारी हांसदा को सचिव सर्वसम्मति से चुना गया.

गांव में पहली बार जलेगी बिजली
जमुनियां-मजरकोला गांव में लगभग 50 घर है. इस गांव में बिजली कभी नहीं आयी. आसपास के गांवों में बिजली पहुंच गयी है. 20 कदम की दूरी पर बिहार के गांवों में रौशनी है, लेकिन जमुनियां-मजरकोला अंधेरे में था. अब अटल ग्राम ज्योति योजना के तहत गांवों में बिजली का खंभा लग चुका है. गांव में अब दो नये चापानल भी लग चुके हैं.

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