देवघर सीओ शैलेश कुमार ने उक्त तीनों मौजा के संबंधित जमाबंदी नंबर के रैयतों को नोटिस भी जारी किया है. इसमें कई परती कदीम बंदोबस्ती जमीन भी है, जिसका फरजी एलए बनाकर रजिस्ट्री कराने की तैयारी चल रही थी. सीओ के अनुसार जमाबंदी व परती कदीम जमीन का गलत ढंग से एलए बनाने में भू-माफियाओं के साथ-साथ रैयतों की भी संलिप्ता है, तभी उक्त दाग नंबर जमीन काे पंजी-टु दर्ज कराया गया है. दरअसल नियमानुसार रैयती जमीन एलए में तब्दील हो जाने के बाद इसकी रजिस्ट्री होती है.
देवघर में 80 एकड़ फरजी एलए भूमि, नोटिस जारी
देवघर: भूमि घोटाला उजागर होने के बाद भी देवघर में एलए जमीन के फरजीवाड़ा का खेल अब तक जारी है. देवघर अंचल के तीन मौजा बाघमारी, खोरादह व जनकपुर में लगभग 80 एकड़ भूमि का फरजी ढंग से दस्तावेज तैयार कर पंजी-टू में दर्ज करा लिया गया है. अंचल कार्यालय में सीओ के स्तर से […]

देवघर: भूमि घोटाला उजागर होने के बाद भी देवघर में एलए जमीन के फरजीवाड़ा का खेल अब तक जारी है. देवघर अंचल के तीन मौजा बाघमारी, खोरादह व जनकपुर में लगभग 80 एकड़ भूमि का फरजी ढंग से दस्तावेज तैयार कर पंजी-टू में दर्ज करा लिया गया है. अंचल कार्यालय में सीओ के स्तर से हुई जांच में तीनों मौजा में 80 एकड़ भूमि का फरजी एलए पकड़ में आया है.
दस्तावेज में आजादी के पहले एलए केस दर्शाया : दरअसल नियमानुसार रैयती जमीन एलए में तब्दील हो जाने के बाद इसकी रजिस्ट्री होती है. लेकिन इन तीन मौजा में फरजी ढंग से आजादी के पहले 1944-45 व 39 व 40 वर्ष में एलए केस नंबर दर्शाया गया व केस निष्पादन दिखाकर पंजी-टु में दर्ज कराया गया है. सीओ के अनुसार दस्तावेजों की छानबीन में यह पकड़ में आया है कि पांच-छह वर्ष पहले इन दस्तावेजों को तैयार कर खाता खुलवाया गया है. साथ ही एलए के दस्तावेजों का सत्यापन अभिलेखागार के मूल दस्तावेजों से भी करने के बाद फरजीवाड़ा पकड़ में आया है.
इन प्लॉट नंबर की जमीन में मिली गड़बड़ी
बाघमारी : थाना नंबर 408 के दाब नंंबर 48, 55, 77, 49, 78, 51, 58, 75, 50, 59, 74, 57, 76, 53, 79 व 54 पंजी-टु रैयत नाजीर प्रसाद राय
बाघमारी : थाना नंबर 408 सर्वे दाग नंंबर 62, 64, 60, 70 पंजी-टु रैयत कौशल्या देवी
खोरादह : थाना नंबर 402 में दाग नंबर 375 में पंजी-टु रैयत रवि सरकार व नरेश भानु लहिरी
जनकपुर : एलए केस नंबर 22/39-40 में चंंपा देवी
जांच में तीनों मौजा में 80 एकड़ भूमि का फरजी एलए पकड़ में आया है. इसमें कई रैयती व परती कदीम बंदोबस्ती जमीन है. जमाबंदी नंबर के रैयतों को नोटिस भी जारी किया गया है. इसमें रैयतों की भी संलिप्ता है. पूरे मामले में फर्जीवाड़ा से संबंधित क्रिमिनल केस भी हो सकता है.
– शैलेश कुमार, सीअो, देवघर