जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां विद्यालय दूर रहने के कारण उच्चतर माध्यमिक की पढ़ाई से वंचित हो रही थी. लेकिन, अब हाइ स्कूलों को अपग्रेड कर दिये जाने से नये शैक्षणिक सत्र में लड़कियों को उच्चतर माध्यमिक शिक्षा का लाभ मिल सकेगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा चिह्नित प्लस टू स्कूलों के प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक को दाखिले के संबंध में आवश्यक निर्देश दिया गया है. ताकि नियमानुकूल दाखिले का लाभ छात्र-छात्राओं को मिल सके.
19 प्लस टू स्कूलों में होगी 11वीं की पढ़ाई
देवघर : जिलास्तर पर 19 सरकारी प्लस टू स्कूलों में नये शैक्षणिक सत्र से इंटरमीडिएट (साइंस, ऑर्ट्स व काॅमर्स) की पढ़ाई के आरंभ होगी. दाखिले की प्रक्रिया वार्षिक माध्यमिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद किया जायेगा. दाखिले के लिए प्रत्येक स्ट्रीम में 128-128 सीटें निर्धारित किया गया है. दाखिले में छात्र-छात्राओं को सामान […]

देवघर : जिलास्तर पर 19 सरकारी प्लस टू स्कूलों में नये शैक्षणिक सत्र से इंटरमीडिएट (साइंस, ऑर्ट्स व काॅमर्स) की पढ़ाई के आरंभ होगी. दाखिले की प्रक्रिया वार्षिक माध्यमिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद किया जायेगा. दाखिले के लिए प्रत्येक स्ट्रीम में 128-128 सीटें निर्धारित किया गया है. दाखिले में छात्र-छात्राओं को सामान रूप से अधिकार मिलेगा.
छह प्लस टू स्कूलों में बढ़ायी गयी थी 2300 से अधिक सीटें
प्लस टू स्कूलों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों की भीड़ को देखते हुए जिलास्तरीय कमेटी द्वारा वर्ष 2016 में जिले के छह प्लस टू स्कूलों में 2304 सीटें बढ़ायी गयी थी. इसमें आरमित्रा प्लस टू विद्यालय देवघर, प्लस टू विद्यालय केंदुआ देवीपुर, रानी मंदाकिनी प्लस टू विद्यालय करौं, प्लस टू विद्यालय मोहनपुर हाट, प्लस टू विद्यालय सारवां एवं अंची देवी प्लस टू विद्यालय मधुपुर शामिल है. प्रत्येक विद्यालय में साइंस, आर्ट्स वं कॉमर्स में 128-128 सीटें बढ़ायी गयी. डीएसइ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्लस टू विद्यालय पालोजोरी एवं प्लस टू विद्यालय बभनगामा में पहले से ही प्रत्येक संकाय में 256-256 सीटें उपलब्ध है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग झारखंड द्वारा पूर्व में ही अधिसूचना जारी कर जिलास्तर पर सीटे बढ़ाने के लिए समिति गठित कर निर्णय लेने का आदेश दिया था.