देवघर: फरजी अनुशंसा पत्र पर चरित्र प्रमाण पत्र व पूर्ववृत सत्यापन प्रमाण पत्र बनवाने के मामले में देवघर डीसी अरवा राजकमल ने पिछले दिनों दो विभागों के 11 संवेदकों पर भादवि की सुसंगत धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज कराने और काली सूची में डालने का निर्देश दिया था. इस दिशा में कार्रवाई शुरू हो गयी है. इस संबंध में पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता अमरेंद्र कुमार साहा ने बताया कि उन्होंने राज्य मुख्यालय से दोषी नौ संवेदकों का निबंधन रद्द करने की अनुशंसा कर दी है. साथ ही उन्होंने विभाग से इन संवेदकों पर एफआइआर की अनुमति भी मांगी है. वहीं पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता राजेश रंजन ने दोनों दोषी संवेदकों पर एफआइआर कराने को कहा है.
पीडब्ल्यूडी के इन संवेदकों पर कार्रवाई की अनुशंसा
फरजीवाड़े में पकड़े गये संवेदक जिन पर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है. उनमें अनिता देवी-पति-सुरेश प्रसाद सिंह, पुरनदाहा, दीपक कुमार- पिता–सुधीर कुमार सिंह, विलियम्स टाउन, संजीव कुमार राय, पिता-कैलाश राय, बाघमारा, थाना-जसीडीह, अनिल कुमार सिंह, पिता-स्व सूरज नारायण सिंह, रानी कोठी, विलियम्स टाउन, आलोक कुमार सिंह, पिता–उमानाथ सिंह, रानी कोठी, विलियम्स टाउन, सरोज कुमार सिंह, पिता–सुधीर चन्द्र सिंह, रानी कोठी, विलियम्स टाउन, मुकेश कुमार चौधरी, पिता-रूपलाल चौधरी, बरमसिया, हरिओम शरण, पिता-रामचन्द्र प्रसाद, राजाबगीचा, तथा मनीष कुमार सिंह, पिता-शंभूनाथ सिंह, जसीडीह शामिल हैं.
पीएचइडी के दोषी संवेदकों पर एफआइआर की प्रक्रिया शुरू
वहीं पीएचइडी के दो संवेदकों पर कार्यपालक अभियंता ने एफआइआर की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इनमें रणवीर कुमार पिता-वृजकिशोर सिंह, रिफ्यूजी कॉलोनी, देवघर एवं असीम कुमार सिंह, पिता-मनोरंजन सिंह, विलियम्स टाउन शामिल हैं. विभाग की ओर से थाने में एफआइआर भेजने की प्रक्रिया चल रही थी. उपरोक्त संवेदकों पर आरोप है कि इन लोगों ने पीएचइडी और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता का फरजी हस्ताक्षर कर अनुशंसा पत्र बनवाया और विभागीय काम में इसका उपयोग किया.
