बदहाली: चार करोड़ की योजना में महज एक करोड़ रुपये मिला,14 दिनों में कैसे होगा 30 चेकडैम का काम
देवघर : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना(आरकेवीवाइ) के तहत सरकार द्वारा समय पर फंड मुहैया नहीं कराये जाने से सिंचाई योजनाएं लंबित हो गयी है. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में स्वीकृति 46 विरसा पक्का चेकडैम में 30 चेकडैम अभी भी अधूरा है. अब चालू वित्तीय वर्ष मार्च का माह समाप्ति की […]
देवघर : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना(आरकेवीवाइ) के तहत सरकार द्वारा समय पर फंड मुहैया नहीं कराये जाने से सिंचाई योजनाएं लंबित हो गयी है. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2015-16 में स्वीकृति 46 विरसा पक्का चेकडैम में 30 चेकडैम अभी भी अधूरा है. अब चालू वित्तीय वर्ष मार्च का माह समाप्ति की ओर है, ऐसी परिस्थिति में महज 14 दिनों 30 चेकडैम का कार्य कैसे पूर्ण होगा, यह सवाल खड़ा हो गया है. कुल 46 चेकडैम की योजना में चार करोड़ रुपये की प्राक्कलित राशि है.
कृषि विभाग के भूमि संरक्षण कार्यालय से विभाग के उच्चाधिकारियों को कई बार योजना को जल्द पूर्ण करने के लिए डिमांड भेजा गया, लेकिन सरकार द्वारा समय पर राशि मुहैया नहीं करायी गयी. चार करोड़ रुपये में पिछले वर्ष केवल 21 लाख रूपये मुहैया कराया गया था, बार-बार डिमांड भेजने पर एक सप्ताह पहले विभाग से भूमि संरक्षण कार्यालय को 79 लाख रुपये मुहैया कराया गया है. अब लंबित सभी चेकडैम का कार्य आनन-फानन में मार्च से पहले किये जाने पर गुणवत्ता कितन सही होगा, यह भी सवाल खड़ा हो रहा है.
विभाग द्वारा समय पर फंड मुहैया नहीं कराये जाने से कई चेकडैम का कार्य 30 से 50 फीसदी में ही आकर लटक गया है. जिले में सर्वाधिक सारठ व पालोजोरी प्रखंड के लाभुकों का भुगतान लंबित है. कई लाभुकों को रोज कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. सारठ व पालोजोरी के कई लाभुक कर्ज लेकर मैटेरियल चेकडैम में लगाया है, लाभुक कर्ज में डूब गये हैं.