देवघर: निगम के अभियंत्रण टीम एक बार फिर संदेह के दायरे में आ गये हैं. इस बार पार्षद ही सवाल उठा रहे हैं. इसमें 28 अक्तूबर की निकली निविदा का वर्क ऑर्डर नहीं देने पर प्रश्न उठा रहे हैं. इसकी निविदा महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के 26-27 नवंबर, 2016 के संभावित आगमन को देख कर निकाली गयी थी. कार्यक्रम में फेरबदल होते ही वर्क ऑर्डर रोकने से अभियंत्रण टीम की कार्यशैली पर पार्षद आशीष झा ने सवाल उठाया है.
इस संबंध में श्री झा ने बताया कि दो अप्रैल को महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के देवघर आगमन की चर्चा है. उनके आगमन को लेकर निगम पुराने ठंडे पड़े निविदा के फाइलों को खोज रही है. उन्होंने कहा कि 28 अक्तूबर 2016 को 13 कामों का टेंडर निकाला गया था. इसमें 11 नवंबर 2016 को शाम पांच बजे तक निविदा खुली थी.
इसमें 15 दिनों में संवेदकों को काम पूरा करने को कहा गया था. महामहिम के कार्यक्रम रद्द होते ही एक-दो काम को छोड़ कर सभी को ठंडे बक्से में डाल दिया गया. संवेदकों को वर्क ऑर्डर तक नहीं दिया गया. इससे आधे से अधिक काम अधर में अटक गया. नगर का विकास का कार्य बाधित हो गया. अब महामहिम के आने की खबर सुनते ही वर्क ऑर्डर देने की तैयारी चल रही है. इससे गुणवत्ता पर प्रश्न चिह्न लगना स्वाभाविक है.
क्या कहते हैं निगम एसी
फंड नहीं था, इसलिए वर्क ऑर्डर नहीं मिला था. पुन: महामहिम के आने की सूचना मिली है. महामहिम के आगमन पर सरकार से फंड आयेगा. इसलिए एक-दो दिनों में संवेदकों को वर्क ऑर्डर दिया जायेगा. इसमें गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सड़क बनाने के लिए एक सप्ताह समय काफी होता है.
