पिता की धमकी को नरेश नहीं समझ सका और दिनेश्वर ने आवेश में घटना को अंजाम दे दिया. बताया जाता है कि मां पांच वर्षीय बेटे आर्य कुमार कोल व चार महीने की बेटी को कमरे में सुलाकर चापानल पानी लाने गयी थी. पिता नरेश कोल बुढ़ई हाट गये थे. तभी आरोपित दादा दिनेश्वर कोल ने सोये हुए पोते को उठाया व कमरा बंद कर कुल्हाड़ी से उसपर प्रहार करना शुरू कर दिया.
बच्चे की चिल्लाने की आवाज सुनकर मां दौड़ते हुए आयी व कमरा बंद देखकर उसने भी चिल्लाना शुरू कर दिया. हल्ला सुनकर ग्रामीण जुटे व किसी तरह दरवाजा खुलवाया गया. दरवाजा खुलते ही जो नजारा दिखे उसे देख सबों के होश उड़ गये. बच्चे की लाश कमरे में पड़ी थी आैर दादा के हाथ में खून से सनी कुल्हाड़ी. हाथ में कुल्हाड़ी देखकर किसी ने भी उसे पकड़ने की हिम्मत नहीं जुटायी. फोन पर पुलिस को घटना की जानकारी दी. जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची. तब तक आरोपित हाथ में कुल्हाड़ी लिये आंगन में बैठा रहा. पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाना ले आयी. लाश को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिये देवघर भेज दिया. मृतक के पिता नरेश कोल के लिखित आवेदन पर पुलिस ने कांड संख्या 33/17 व धारा 302 भादवि के तहत मामला दर्ज कर लिया.
