जलापूर्ति का डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू
देवघर: गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के शहर व गांवों में पाइप लाइन सिस्टम से पेयजलापूर्ति मुहैया कराने के सांसद निशिकांत दुबे की मांग पर राज्य सरकार गंभीर है. सांसद के पत्र के आलोक में पीएचइडी के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने विभाग को आवश्यक रिपोर्ट तलब किया है. ... पाइप लाइन से जलापूर्ति के लिए […]
देवघर: गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के शहर व गांवों में पाइप लाइन सिस्टम से पेयजलापूर्ति मुहैया कराने के सांसद निशिकांत दुबे की मांग पर राज्य सरकार गंभीर है. सांसद के पत्र के आलोक में पीएचइडी के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने विभाग को आवश्यक रिपोर्ट तलब किया है.
पाइप लाइन से जलापूर्ति के लिए प्रधान सचिव ने निर्देश दिया है कि गंगा नदी पर आधारित जलापूर्ति व डैम आधारित जलापूर्ति के लिए जल संसाधन विभाग से पूर्वानुमति ले लें. ताकि पाइप लाइन सिस्टम से जलापूर्ति की योजना कैसे सफल हो, इस पर विभागीय अड़चन न आये. इस तरह सांसद के पत्र पर पाइप लाइन से जलापूर्ति के लिए डीपीआर बनाने की दिशा में सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दिया है.
सांसद ने पत्र में कहा : पूरे लोकसभा के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए चौबीस घंटे पाइप से पानी देने की कार्य योजना के लिए केन्द्र सरकार व राज्य सरकार से आग्रह किया था. राज्य सरकार ने डीपीआर की दिशा में कारवाई शुरु कर दी है. सांसद ने कहा कि चापाकल तात्कालिक व्यवस्था है तथा बोरिंग ज़्यादा से ज़्यादा पांच साल चलता है. नदी से पानी सप्लाई यदि देवघर शहरी जलापूर्ति को देखा जाये तो फ़ेल है. इसलिए नदी व डैम के जरिए गोड्डा लोकसभा क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण इलाकों में लोगों को पाइप लाइन से सालों भर चौबीस घंटे उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कार्रवाई सरकार करे. ज्ञात हो कि सांसद ने इस स्कीम के लिए केंद्रीय पीएचइडी मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीएचइडी मंत्री झारखंड चंद्र प्रकाश चौधरी, प्रधान सचिव पीएचइडी एपी सिंह को पत्र लिखा था. उसके बाद केंद्रीय पीएचइडी मंत्री ने झारखंड को पत्र भेज कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. इस पर राज्य सरकार ने पहल की है.
