सेंदरा के साथ आदिवासियों का सोहराय पर्व संपन्न

पालोजोरी के संताल बहुल गांवों में आदिवासियों ने खेला शिकार

प्रतिनिधि, पालोजोरी; संताल समाज का सबसे बड़ा पर्व सोहराय बुधवार को सेंदरा के साथ संपन्न हो गया. इस दौरान क्षेत्र के सभी गांवों से युवा बच्चे व बुजुर्ग अपने हाथों में तीर, धनूष, भाला, लाठी, दबिया, कुल्हाड़ी व जाल लेकर आसपास की जंगल झाड़ी में शिकार के लिए निकले थे. भुरकुंडी, अंगवाली, बाराकोला, जयनगरा, डुमरिया, लखनपुर, बिराजपुर, रामपुर, अंबाटांड़, बेठीडंगाल, कोलगी, जुआठभांगा समेत अन्य गांवों से दर्जनों लोगों ने पहाड़ी, जंगल व झाड़ी से कई तरह के जानवरों का शिकार किया. बुधवार को सेंदरा के साथ ही पांच दिनों तक चलने वाला सोहराय पर्व संपन्न हो गया. इसको लेकर आदिवासी समुदाय के लोगों में काफी उत्साह देखा गया. इस संबंध में समाज के लोगों ने कहा कि यह उनकी परंपरा है, परंपरा व संस्कृति की रक्षा करने के लिए वे लोग शिकार पर निकले हैं. रामपुर के दिलीप टुडू, सोनालाल मुर्मू, शिवाधन, नुनेश्वर, रोयल, शिवचरण, सुनीराम, पलटन, सुशील, कलेशवर, लुबिन हेंब्रम व अन्य शामिल थे.

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By UDAY KANT SINGH

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