संवाददाता, देवघर . भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, देवघर शाखा और एम्स देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हो गया. प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों की लिखित परीक्षा ली गयी. कार्यक्रम में 50 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण पूरा कर परीक्षा दी. निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें तीन माह के भीतर प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा. समापन समारोह में एम्स देवघर के डीन डॉ प्रो हरविंदर सिंह ने कहा कि फर्स्ट एड प्रमाण-पत्र रोजगार में उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी सफलता तब है, जब प्रशिक्षित व्यक्ति किसी घायल या जरूरतमंद की समय पर मदद कर उसकी जान बचा सके . उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में सही प्राथमिक उपचार कई बार जीवन रक्षक साबित होता है. एम्स के प्रशासनिक अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण नियमित रूप से होने चाहिए ताकि समाज में अधिक से अधिक प्रशिक्षित फर्स्ट एडर तैयार हों. उन्होंने रेडक्रॉस की जनहितकारी गतिविधियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया. रेडक्रॉस देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि प्राथमिक उपचार का ज्ञान हर नागरिक के लिए जरूरी है. दुर्घटना या आपदा के समय दिया गया फर्स्ट एड जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक अंतर साबित हो सकता है. कार्यक्रम में वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार वर्णवाल, कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र झा, सनातन सिंह, सुधांशु वर्णवाल, अर्चना भगत, प्रशिक्षक एनबी चटर्जी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.
फर्स्ट एड के ज्ञान से बच सकती है किसी की जिंदगी : डॉ हरविंदर
देवघर एम्स और रेडक्रॉस सोसाइटी ने फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 50 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया
