देवघर : इसीएल चितरा कोलियरी प्रबंधन ने 10 वर्षों तक खनन विभाग को जमीन का डेड रेंट निर्धारित दर से बहुत कम चुकाया है. राज्य सरकार की ऑडिट टीम ने खनन विभाग की ऑडिट में इस पूरे मामले को पकड़ा है. ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 2009 से 2019 तक इसीएल चितरा ने डेड रेंट के रूप में निर्धारित दर से कम राशि खनन विभाग में जमा किया है.
इसीएल चितरा में 400 हेक्टेयर जमीन खनन कार्य के लिए दिया गया है, इसमें अलग-अलग समय पर डेड रेंट में बढ़ोतरी होती गयी. इस बढ़ी हुई राशि का ऑडिट टीम ने आकलन किया तो करीब 87 लाख रुपये बकाया मिला.
जिला खनन पदाधिकारी ने एक माह पूर्व इसीएल चितरा के जीएम को पत्र लिखकर 87 लाख रुपये खनन कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक राशि जमा नहीं करने पर पिछले दिनों डीसी की अध्यक्षता में हुई डीएमएफटी की बैठक में डीएमओ को बकाया राशि वसूली का निर्देश दिया गया था. जिसके बाद डीएमओ ने इसीएल चितरा कोलियरी के जीएम को रिमाइंडर भेजकर राशि जमा करने का निर्देश दिया है.
