देवघर : बीते कुछ दिनों से देवघर व आसपास के इलाके में जबरदस्त ठंड पड़ रही है. रात तो रात, दिन का पारा भी लुढ़ककर नीचे आ गया है. ठंड चरम पर है, मगर प्रशासन की अोर से नगरनिगम के पार्षदों को मुहैया कराये गये कंबलों को 10 से अधिक पार्षदों ने अब तक जरूरतमंदों के बीच वितरित नहीं किया गया है.
इस वजह से सड़क किनारे, चौक-चौराहों में गरीब तबके के कई सारे लोग ठिठुरते व शाम के समय अलाव तापते सहज ही नजर आ जाते हैं. इस संदर्भ में पहले अधिकांश पार्षदों ने विधानसभा चुनाव के कारण पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए अधिकांश समय तक अपने-अपने क्षेत्र में कंबलों का वितरण नहीं किया था.
मगर 26 दिसंबर को जिला प्रशासन की ओर से पूरे जिले में आचार संहिता समाप्त होने की जानकारी देने के बावजूद कई सारे पार्षदों ने कंबल नहीं बांटा है. ऐसे में शहरवासी सवाल करने लगे हैं कि यदि इस कनकनी व ठिठुरन के मौसम में भी गरीब व लाचारों को कंबल न मिले तो क्या गर्मी के मौसम में बांटा जायेगा. हालांकि इस बीच दो-तीन पार्षदों ने कंबल वितरित किये जाने के बाद प्रशासन से दोबारा कंबलों की मांग की है.
हालांकि विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद ही जिला प्रशासन के निर्देश पर अनुमंडल कार्यालय की ओर से निगम क्षेत्र के सभी 36 वार्डों के पार्षदों को गरीब, असहाय, कमजोर तबके के लोगों को ठंड से बचाव के लिए 50-50 कंबल सौंपे गये थे. पहले तो सूचना प्रेषित किये जाने के बाद लंबे समय तक आधे से ज्यादा पार्षदों ने आचार संहिता का हवाला देते कंबल वितरित नहीं किया था, जिस कारण क्षेत्र के गरीब तबके के लोगों को परेशानी बढ़ा दी है.
