बिना सहमति के तीन सामुदायिक शौचालयों का बदल दिया स्थान

घाटा लगते ही शौचालय होने लगे बंद देवघर : शहर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों को कम पैसे में शौच व स्नानागार की सुविधा मुहैया कराने के मकसद से नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से देवघर शहरी क्षेत्र में 20 जगहों में सामुदायिक शौचालय बनाया गया. इसमें अधिकांश […]

घाटा लगते ही शौचालय होने लगे बंद

देवघर : शहर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के गरीब लोगों को कम पैसे में शौच व स्नानागार की सुविधा मुहैया कराने के मकसद से नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से देवघर शहरी क्षेत्र में 20 जगहों में सामुदायिक शौचालय बनाया गया. इसमें अधिकांश शौचालय के मुख्य गेट में ताला लटक रहा है.
इसके बनाते समय ही नियमों का पालन नहीं किया गया. इससे विरान जगहों में बना दिया गया. उधर, लोगों का आवागमन ही नहीं है. इससे अपने लक्ष्य से भटक गया है. इससे निगम को घाटा लगना शुरू हो गया है. 23 लाख 80 हजार की लागत से बनी प्रति शौचालय अब शोभा की वस्तु बनती जा रही है. उपेक्षा के कारण नल, पाइप टूटने लगा है.
इस संबंध में वार्ड पार्षद सह जोनल अध्यक्ष आशीष झा उर्फ कन्हैया झा ने कहा कि निगम प्रशासन की विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है. यह बिना प्लानिंग का बनाया गया है. निगम जेइ बिना स्पॉट गये ही जगह चिह्नित कर दिया. इससे टेंडर के बाद लोगों ने विरोध कर दिया. इसके बाद से ही खेल शुरू हो गया. पार्षदों को विश्वास में बिना लिये सामुदायिक शौचालय का वार्ड व जगह बदल दिया.
पार्षदों से वापस ले लिया : पहले क्षेत्र के पार्षदों के हाथों संचालन दिया गया था. इससे कुछ कमाई भी हो रही थी. लेकिन कुछ ही महीनों बाद पार्षदों से वापस लेकर अनुभवहीन बोकारो की ममता संस्था को दे दिया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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