देवघर : शहर में बीचोबीच आरएल सर्राफ स्कूल के बगल की गली में हर दिन अहले सुबह से ही बालू का बाजार सजता है. एनजीटी से रोक रहने के बावजूद खुलेआम बालू घाटों से अवैध खनन कर ट्रैक्टर वाले करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय कर यहां तक लाते हैं. और तो और ग्राहक के इंतजार में घंटों वहां गाड़ी खड़ी कर अवैध कारोबार करते हैं.
इसकी जानकारी रहने के बावजूद खनन पदाधिकारी व नगर पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है. विडंबना तो यह है कि बीच शहर में बालू की अवैध बिक्री हो रही है और खनन विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है. पूछने पर खनन विभाग मामले से अनभिज्ञता जाहिर करती है. वहीं थाने वाले यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि पुलिस को बालू पर कार्रवाई करने का सीधा अधिकार ही नहीं है.
रास्ते में पीसीआर-गश्ती मिलती है, छोड़ देती है ले-देकर: बालू ट्रैक्टर जब नदी के घाट से सर्राफ स्कूल तक पहुंचती है, तो रास्ते में पीसीआर व बाइक गश्ती दल मिलती भी है. बालू लोड ट्रैक्टरों को देखकर रोकती है, किंतु कुछ ले-देकर छोड़ देती है. इससे कारोबारी निडर होकर यह कारोबार करते हैं. ग्राहक चौक पर बालू खरीदने पहुंचते हैं तो ट्रैक्टर वाले खुलेआम कहते हैं कि पुलिस व खनन विभाग को देना पड़ता है,
इसलिए 2000 रुपये ट्रैक्टर से कम नहीं कर सकते.
कुंडा मोड़ व थाने के सामने से रोज निकलते हैं 200 ट्रैक्टर बालू : बालू का अवैध कारोबार शहर में नगर, कुंडा व रिखिया थाना क्षेत्र में बेधड़क चलता है. सुबह चार बजे से पुराना कुंडा थाना मोड़ से होकर चरकीपहाड़ी बायपास रोड से बैजनाथपुर की तरफ करीब दो सौ ट्रैक्टर बालू प्रतिदिन गुजरता है. रास्ते में कुंडा व रिखिया थाने का गश्ती दल भी रहता है.
बावजूद तेज गति में बालू ट्रैक्टर निकलते रहते हैं. वहीं दर्जनों बालू ट्रैक्टर कुंडा थाना के सामने से गुजरकर सर्राफ स्कूल की गली तक आते हैं. कई बालू ट्रैक्टर देवसंघ मोड़ व ठाढ़ी मोड़ के रास्ते से भी शहर में आता है.
सूचना मिली है करेंगे कार्रवाई
सहायक जिला खनन पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि अब सूचना मिल रही है. मामले में कार्रवाई करेंगे. लगातार बालू घाटों पर कुंडा, जसीडीह, सारठ व सारवां में छापेमारी किये हैं. कई गाड़ी वालों की फाइन हुई है. वहीं कई पर केस भी किये गये हैं.
नहीं थी सूचना, करायेंगे कार्रवाई
एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि खुलेआम बालू बेचने की सूचना नहीं है. अगर बालू का अवैध कारोबार इस तरह से हो रहा है, तो कार्रवाई करायेंगे. पुलिस को अवैध बालू कारोबार रोकने का अधिकार है. खनन विभाग व मजिस्ट्रेट को सूचना देकर कार्रवाई करा सकती है.
