देवघर : प्रभात खबर हमेशा सजग प्रहरी की पत्रकारिता करता है. कभी किसी की भावना को ठेस पहुंचाने की मंशा नहीं रहा है. हमेशा द्विपक्षीय पत्रकारिता प्रभात खबर करता रहा है. गुरुवार रात को सत्संग-भिरखीबाद मुख्य पथ स्थित गुलीपाथर के समीप वित्त मंत्रालय भारत सरकार की बोर्ड लगी कार सवार अधिकारियों द्वारा की जा रही चेकिंग अभियान में प्रभात खबर ने अपने तरफ से कुछ नहीं किया. जो देखा वह सामने ला दिया.
पहली बार छायाकार ने फोटो लिया तो ट्रक रोककर कागजात मांग रहे वर्दी व सिविल पहने अधिकारी कार पर चढ़े और उनलोगों की कार खुल गयी. चेकिंग स्थल पर पूरा अंधेरा था. इस संबंध में प्रभात खबर ने एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव समेत नगर थाना प्रभारी से फोन कर मामले की जानकारी ली. एसडीपीओ व थाना प्रभारी ने चेकिंग के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की.
बाद में पीसीआर-4 को चेकिंग स्थल पर भेजा गया. पीसीआर-4 के एएसआइ फैयाज खान ट्रक वालों से पूछताछ कर रहे थे कि फिर उक्त स्विफ्ट वहां पहुंची. फैयाज ने उनलोगों से परिचय पूछा तो उनलोगों ने अपना आइकार्ड दिखाया. इसके बाद फैयाज ने उनलोगों को नगर थाना प्रभारी से मोबाइल पर बात भी कराया. इस संबंध में एसडीपीओ ने प्रभात खबर से कहा था कि लोकल थाना की सूचना के बगैर चेकिंग की जा रही है.
वरीय पदाधिकारी से आदेश था कि नहीं इसकी जांच सुबह में होगी. प्रभात खबर के छायाकार ने जब फोटो ली थी उसी वक्त जांच अधिकारी को अपने बारे में बताना चाहिये था. यही पक्ष वे रात में ही रख देते तो ऐसी कोई बात नहीं होती. देर रात में जीएसटी के किसी वरीय अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका था.
अगर संपर्क हुआ रहता तो प्रभात खबर उनका भी पक्ष प्रमुखता से प्रकाशित करता. देर रात अंधेरे व सुनसान स्थल पर अकेले संवाददाता को अधिकारियों के इंतजार में वहां रहना सुरक्षात्मक दृष्टि से भी उचित नहीं होता. ऐसे में कभी प्रभात खबर की मंशा किसी की भावना को ठेस पहुंचाने की नहीं रहती है.
