झारखंड में अगर हेमंत सरकार नहीं होती तो हालात भयावह होते : पूर्व सांसद

गोड्डा के पूर्व सांसद ने साधा निशाना

मधुपुर. प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने प्रधानमंत्री की ओर से नागरिकों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कार-पूलिंग करने, वर्क फ्रॉम होम करने, सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा से बचने की अपील को केंद्र सरकार की आर्थिक विफलता का प्रमाण बताया है. उन्होंने कहा कि यह अपील किसी दूरदर्शी नेतृत्व की नहीं, बल्कि आर्थिक प्रबंधन में नाकामी को दर्शाती है. फुरकान अंसारी ने कहा कि देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और युवा सबसे अधिक परेशान हैं. महंगाई लगातार बढ़ रही है, रोजगार के अवसर घट रहे हैं और छोटे उद्योग बंद हो रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान हजारों करोड़ रुपये खर्च कर चार्टर विमान और बड़े रोड शो आयोजित किये जाते हैं, तब किसी संकट की बात नहीं होती, लेकिन चुनाव खत्म होते ही आम जनता को पेट्रोल बचाने, सोना नहीं खरीदने और यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि जनता अब बड़ी-बड़ी घोषणाओं और विज्ञापनों से प्रभावित नहीं हो रही है. महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की परेशानियों से लोग त्रस्त हैं. अंसारी ने दावा किया कि यही परिस्थितियां भाजपा सरकार के पतन का रास्ता तैयार कर रही हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार महिलाओं को 2500 रुपये मासिक सहायता और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं के जरिये लोगों को राहत देने का काम कर रही है. हाइलार्ट्स : केंद्र सरकार की नीतियों पर फुरकान अंसारी का हमला पीएम की अपील आर्थिक विफलता का प्रमाण : फुरकान अंसारी

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By BALRAM

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