देवघर : विभागों में तालमेल नहीं हो तो योजनाएं लोगों को लाभ देने के बजाये कैसे परेशानी में डाल देती हैं, इसकी बानगी देवघर में भली-भांति देखी जा सकती है. यहां जब सड़क बन जाती है तो उसे काटकर पाइपलाइन बिछायी जाती है. फिर सड़क समतल कर बनायी जाती है तो अगली बार तार बिछाने के लिए इसे काट दिया जाता है.
यह सिलसिला देवघर में लगातार चल रहा है. इन सबके बीच लोगों को परेशानी तो होती ही है, सरकारी राशि पानी की तरह बह जाता है. शनिवार को एक बारा फिर ऐसा ही देखने काे मिला. सड़क चौड़ीकरण के दौरान जेसीबी से केंद्रीय कारा के बगल में स्थित मुख्य जलापूर्ति पाइप दोबारा फट गया. इससे 10 फीट ऊंचाई तक पानी का फव्वारा छूट पड़ा और हजारों लीटर पानी घरों तक पहुंचने से पहले ही बर्बाद हो गये. शहर में एक तो पहले से ही पानी की किल्लत है. एक वक्त जलापूर्ति नहीं हुई तो लोग पानी खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं. इसके बाद भी इस तरह निर्माण कार्य के दौरान पाइप फटने से लोगों की परेशानी और भी बढ़ गयी है.
